पालम आग हादसे पर संजय सिंह ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। 9 लोगों की मौत के बाद निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग।
दिल्ली के पालम इलाके में हुए भीषण आग हादसे को लेकर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता Sanjay Singh ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस दर्दनाक घटना में राजेंद्र कश्यप के परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
संजय सिंह ने इस घटना को सिर्फ एक हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे “गंभीर लापरवाही का परिणाम” बताया। उन्होंने कहा कि आरोप है कि आग लगने के करीब एक घंटे बाद दमकल विभाग मौके पर पहुंचा, जिससे राहत कार्य में भारी देरी हुई।
दमकल विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
घटना को लेकर यह भी आरोप सामने आए हैं कि मौके पर पहुंचने के बाद दमकल विभाग का हाइड्रोलिक सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था, जिसके कारण बचाव कार्य प्रभावित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोग मदद के लिए लगातार चिल्लाते रहे, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिल पाई।
पालम की आग हादसा नहीं, गंभीर लापरवाही का परिणाम‼️
पालम में आग लगने की घटना में राजेंद्र कश्यप जी के परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
आरोप है कि आग लगने के करीब 1 घंटे बाद दमकल विभाग मौके पर पहुंचा, और उस दौरान उनका हाइड्रोलिक सिस्टम भी ठीक से काम नहीं कर रहा था। लोग मदद… pic.twitter.com/6IuP8Pceju
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) March 19, 2026
“प्रशासन द्वारा प्रायोजित हत्या” का आरोप
संजय सिंह ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह सिर्फ दुर्घटना नहीं, बल्कि एक तरह से “प्रशासन द्वारा प्रायोजित हत्या” के समान है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि जो भी अधिकारी या विभाग जिम्मेदार पाए जाएं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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AAP की प्रतिक्रिया और आगे की मांग
आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई ने भी इस घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
पालम आग हादसे ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में फायर सेफ्टी, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और प्रशासनिक तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर राहत पहुंचती, तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।