ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान बुरी तरह बौखला गया है और लगातार भारत पर हमलों की कोशिशें कर रहा है। इसी वजह से IPL को एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अब कुछ खिलाड़ी शेष सीजन में अपनी इच्छा से हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब IPL पर भी दिखाई देने लगा है। पाकिस्तान की लगातार उकसाने वाली गतिविधियों के बीच धर्मशाला में पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जा रहा मैच बीच में ही रद्द कर दिया गया। इसके बाद बीसीसीआई ने अगले सात दिनों के लिए IPL को स्थगित करने का फैसला किया है। हालात की दोबारा समीक्षा के बाद लीग को नए शेड्यूल के साथ पूरा कराने की योजना बनाई जाएगी। इस बीच, कई विदेशी खिलाड़ी अपने देश लौटने लगे हैं, जिससे उनका टूर्नामेंट के बचे हुए मुकाबलों में स्वेच्छा से खेल पाना अब मुश्किल लग रहा है।
दरअसल, बीसीसीआई पूरी कोशिश में है कि एक हफ्ते के भीतर हालात संभलते ही IPL दोबारा शुरू कर दिया जाए, क्योंकि आगे का शेड्यूल पहले से ही इंटरनेशनल क्रिकेट से भरा हुआ है। मार्च से मई तक का समय ही ऐसा होता है जब ज्यादातर देश अंतरराष्ट्रीय मुकाबले नहीं खेलते। ऐसे में बोर्ड होम-अवे फॉर्मेट को हटाकर कुछ सीमित और सुरक्षित वेन्यू पर ही बाकी मैच आयोजित करने का विकल्प भी देख रहा है—खासकर उन स्थानों पर जहां भारत-पाकिस्तान तनाव का असर कम है।
बीसीसीआई ने सभी 10 IPL फ्रेंचाइजी को यह निर्देश दिया है कि वे अपने खिलाड़ियों और सहयोगी कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर आईपीएल फिर से शुरू होने के लिए तैयार रहने की सूचना दें। हालांकि, जो खिलाड़ी अपने देशों लौट गए हैं, वे इस बार अपनी मर्जी से वापस नहीं आ सकेंगे। उन्हें इसके लिए अपने क्रिकेट बोर्ड से अनुमति लेनी होगी, और साथ ही भारत-पाकिस्तान के बढ़ते तनाव को देखते हुए, उन्हें अपनी सरकार से भी मंजूरी प्राप्त करनी पड़ सकती है।
हाल ही में विदेशी खिलाड़ियों के क्रिकेट बोर्ड अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए थे। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने भी एक बयान जारी कर कहा था कि वे पाकिस्तान और भारत में चल रही घटनाओं पर ध्यान बनाए हुए हैं और BCCI तथा PCB के अधिकारियों के संपर्क में हैं। ऐसे में यह तय करना कि ये खिलाड़ी फिर से भारत आएंगे या नहीं, पूरी तरह से उनके क्रिकेट बोर्ड पर निर्भर करेगा।