नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर और SCVT के बीच MoU पर हस्ताक्षर, 1 लाख युवाओं को 5 वर्षों में कौशल प्रशिक्षण, 70,000 को रोजगार और 50% महिलाओं को प्राथमिकता।
प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर (NAEC) और राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (SCVT) के बीच महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य व्यावसायिक शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और उद्यमशीलता को नई दिशा देना है।
इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 1 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनमें से 70,000 युवाओं को औद्योगिक इकाइयों में रोजगार मिलेगा। प्रशिक्षणार्थियों में 50% महिलाएं होंगी, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह कदम प्रदेश के युवाओं को रोजगार और कौशल से जोड़ने के लिए उठाया गया है। एनएईसी और SCVT के बीच यह MoU कौशल विकास और उद्यमशीलता में नए मानक स्थापित करेगा।
प्रशिक्षण और रोजगार का ढांचा
एनएईसी के तहत पहले चरण में पश्चिमी यूपी के 18 जनपदों, 128 विकास खंडों और 10,323 ग्रामों के युवाओं को 28 सेक्टरों में अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण से लेकर रोजगार तक की पूरी प्रक्रिया एनएईसी के डिजिटल पोर्टल “कौशल गंगा” के माध्यम से प्रबंधित होगी। इसके साथ ही “कौशल आजीविका” और “कौशल बाजार” पोर्टल भी प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार और बाजार से जोड़ने में मदद करेंगे।
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SCVT का मूल्यांकन और प्रमाणन
SCVT, जो राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद से मान्यता प्राप्त है, सभी प्रशिक्षणार्थियों का मूल्यांकन और प्रमाणन करेगा। एनएईसी प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के लिए SCVT को ₹1200 प्रमाणन शुल्क देगा। SCVT स्वयं पाठ्यक्रम तैयार कर राष्ट्रीय परिषद से अनुमोदन भी कराएगा।
कौशल विकास से आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि इस MoU के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक युवा को हुनरमंद बनाने और रोजगार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। यह पहल उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख स्किल हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
MoU हस्ताक्षर समारोह में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास डॉ. हरिओम और विशेष सचिव एवं निदेशक SCVT अभिषेक सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने इसे प्रदेश की कौशल नीति के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया।