नए लेबर कोड 2025 के तहत सैलरी, प्रोविडेंट फंड (PF), इएसआई और ग्रेच्युटी में बड़े बदलाव। जानें गिग वर्कर्स और महिलाओं के लिए नए नियम और कर्मचारियों को मिलने वाले फायदे।
केंद्र सरकार ने नए लेबर कोड 2025 को लागू किया है, जिसका असर करोड़ों कर्मचारियों और कामगारों पर पड़ेगा। नए कोड के तहत सैलरी स्ट्रक्चर, प्रोविडेंट फंड (PF), इएसआई (ESI) बेनिफिट और ग्रेच्युटी जैसी कई चीजों में बदलाव किए गए हैं। साथ ही गिग वर्कर्स और महिलाओं के लिए भी नए नियम बनाए गए हैं।
1. सैलरी की नई परिभाषा
नए लेबर कोड में वेतन (Salary) की परिभाषा में कर्मचारी को मिलने वाले लगभग सभी हिस्से शामिल कर दिए गए हैं। लेकिन कुछ चीजें इसमें शामिल नहीं होंगी, जैसे:
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हाउस रेंट अलाउंस (HRA)
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कन्वेयंस अलाउंस
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ट्रैवल अलाउंस
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कानून के तहत मिलने वाला बोनस और कमीशन
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नौकरी से जुड़े खर्चों की भरपाई
नए नियम के मुताबिक, अलाउंस कुल सैलरी का 50% से ज्यादा नहीं होना चाहिए, और अलाउंस के अतिरिक्त हिस्से को वेतन में ट्रांसफर किया जाएगा।
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2. गिग वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी
नए लेबर कोड में गिग वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी की व्यवस्था की गई है। कंपनियों को अपने टर्नओवर का 1–2% सोशल सिक्योरिटी कॉर्पस में जमा करना होगा। यह पैसा गिग वर्कर्स की सुविधाओं और सुरक्षा के लिए खर्च किया जाएगा।
3. प्रोविडेंट फंड (PF) नियम
नए कोड के तहत PF का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब सभी इंडस्ट्रीज या कंपनियों जहां 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, उन्हें PF की सुविधा देनी अनिवार्य होगी। इससे पहले यह सुविधा सिर्फ नोटिफाइड सेक्टर में उपलब्ध थी। यह बदलाव हजारों कामगारों को फायदा पहुंचाएगा।
4. ग्रेच्युटी लाभ
अब कर्मचारियों को ग्रेच्युटी पाने के लिए 5 साल इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। नए नियम के तहत 1 साल की सर्विस पर ही कर्मचारी ग्रेच्युटी के हकदार होंगे। इससे कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा, साथ ही उन्हें अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ भी मिलेंगे।