हरियाणा सरकार प्रदेश में प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए बड़े प्रशासनिक पुनर्गठन की योजना बना रही है। सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार के पास 11 नए जिलों, 14 नए उपमंडलों, 4 नई तहसीलों और 27 उप-तहसीलों के गठन से जुड़े प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो प्रशासनिक पुनर्गठन उप-समिति की 5वीं बैठक में प्रस्तुत किए गए।
प्रस्तावित नए जिले और उनकी जानकारी
नए जिलों में असंध (करनाल जिला), नारायणगढ़ (अंबाला), मानेसर और पटौदी (गुरुग्राम), पिहोवा (कैथल), हांसी और बरवाला (हिसार), सफीदों (जींद), गोहाना (सोनीपत), और डबवाली (सिरसा) शामिल हैं। गौरतलब है कि हांसी और डबवाली को पहले ही पुलिस जिले के रूप में घोषित किया जा चुका है।
प्रस्तावों पर फैसला 31 दिसंबर 2025 तक अनिवार्य
भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के निर्देशानुसार, जनगणना से पहले किसी भी प्रशासनिक सीमा में बदलाव का अंतिम दिन 31 दिसंबर 2025 है। यदि इस समय-सीमा के भीतर निर्णय नहीं लिया गया, तो अगली जनगणना के बाद जून 2027 तक फिर कोई बड़ा प्रशासनिक बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
also read: हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में विकास को मिलेगी नई गति,…
नए जिले बनाने के मानदंड
हरियाणा सरकार ने जिले, उपमंडल, तहसील और उप-तहसील बनाने के लिए निम्नलिखित मानदंड तय किए हैं:
-
गांवों की संख्या: 125 से 200
-
जनसंख्या: 4 लाख से अधिक
-
क्षेत्रफल: 80,000 हेक्टेयर से अधिक
अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी विचार
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 73 प्रशासनिक पुनर्गठन से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इनमें गांव खुंगा को उपमंडल जींद में शामिल करने और गांव खानपुर रोरण को तहसील पिहोवा में शामिल करने जैसे सुझाव भी शामिल हैं।
आगे क्या होगा?
बैठक में लिए गए सभी प्रस्ताव अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के लिए भेजे जाएंगे। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद हरियाणा में बड़े प्रशासनिक बदलाव जल्द देखने को मिल सकते हैं।