NEET पेपर लीक मुद्दे पर AAP गुजरात प्रभारी गोपाल राय का बड़ा बयान

NEET पेपर लीक मुद्दे पर AAP गुजरात प्रभारी गोपाल राय का बड़ा बयान

गोपाल राय: सरकार पेपर लीक का समाधान निकाले, नहीं तो युवाओं को समाधान निकालना पड़ेगा

NEET पेपर लीक मामले पर AAP गुजरात प्रभारी गोपाल राय ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि आजकल पूरे देश में एक ही चर्चा चल रही है कि एक बार फिर देश के छात्रों और युवाओं के साथ बड़ा धोखा हुआ है। NEET UG का पेपर लीक हुआ है। लेकिन यह केवल पेपर लीक होने का मुद्दा नहीं है, यह तो भारत के 22 लाख युवाओं के भविष्य के लीक होने का मामला है। एक बार सोचने की जरूरत है कि किसान का बेटा, मजदूर का बेटा, व्यापारी का बेटा, गरीब परिवार की बेटी और मेहनतकश परिवारों के बच्चे अपना भविष्य सुधारने के लिए सब कुछ दांव पर लगाकर एक कमरे में दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, तब उनके दिल पर क्या बीती होगी जब उन्हें पता चला कि उनकी वर्षों की मेहनत और सपनों पर पेपर लीक ने पानी फेर दिया। उनके माता-पिता की स्थिति क्या हुई होगी? और यह पहली बार नहीं है। भारत में अब पेपर लीक एक सामान्य घटना बन गई है। आज हर छात्र और हर अभिभावक के मन में डर है कि जिस परीक्षा की वे तैयारी कर रहे हैं उसका पेपर लीक होगा या नहीं। यह डर बिना कारण पैदा नहीं हुआ है। 2014 से अब तक देशभर में अलग-अलग परीक्षाओं के कुल 93 पेपर लीक हो चुके हैं। इन सभी परीक्षाओं में लगभग 6 करोड़ युवाओं ने अपना भविष्य बनाने के लिए मेहनत की थी, लेकिन उनके सपनों पर पेपर लीक ने पानी फेर दिया।

गोपाल राय ने आगे कहा कि वर्ष 2014 में CPMT का पेपर लीक हुआ, 2015 में AIPMT का पेपर लीक हुआ, 2016 में ROARO का पेपर लीक हुआ, 2017 में महाराष्ट्र HSC का पेपर लीक हुआ, 2018 में गुजरात कांस्टेबल परीक्षा और CBSE के मैथ्स तथा इकोनॉमिक्स के पेपर लीक हुए, 2019 में RRD CBT का पेपर लीक हुआ, 2020 में UP बोर्ड का पेपर लीक हुआ, 2021 में UPTET का पेपर लीक हुआ, 2022 में राजस्थान फॉरेस्ट गार्ड का पेपर लीक हुआ, 2023 में SSC और REET के पेपर लीक हुए, 2024 में UP पुलिस कांस्टेबल, UPPSC और UGC-NET के पेपर लीक हुए और अब 2026 में NEET UG का पेपर लीक हुआ है। सवाल यह है कि क्या देश की सरकार निष्पक्ष तरीके से परीक्षाएं कराने में सक्षम नहीं है? या फिर पेपर लीक करने वाले लोग सरकार से ज्यादा शक्तिशाली हो गए हैं? देश को विश्वगुरु बनाने की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन लोगों के मन में एक छोटा सा सवाल है कि सरकार सही तरीके से परीक्षाएं क्यों नहीं करा सकती? या फिर सरकार के संरक्षण में ही पेपर लीक हो रहे हैं? आज हर परिवार के लिए अपने बच्चों के रोजगार और भविष्य का सवाल सबसे बड़ा सवाल बन गया है। किसान दिन-रात मेहनत करके, खून-पसीना एक करके अनाज उगाता है। मजदूर परिवार की स्थिति सोचिए कि कितने संघर्ष के बीच वे अपने बच्चों को पढ़ाते होंगे।

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उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं के सपनों और आशाओं पर पेपर लीक का बुलडोजर चल रहा है और ऐसा लग रहा है कि भारत के युवाओं का भविष्य अब सुरक्षित ही नहीं है। जब से भाजपा सरकार केंद्र में आई है तब से बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, लेकिन हर साल पेपर लीक की घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकार उसका कोई समाधान नहीं ला पा रही है। युवा दिन-रात मेहनत करें, तैयारी करें और फिर उनके सपनों को इस तरह तोड़ दिया जाए, तो सरकार मौन क्यों है? सरकार जवाब क्यों नहीं देती? लोगों के मन में अब यह शंका पैदा हो रही है कि पेपर लीक में पकड़े जाने वाले लोगों के पीछे राजनीतिक संरक्षण है। सोशल मीडिया पर सामने आ रही तस्वीरों में भी यह साफ दिखाई दे रहा है। अब केवल एक ही रास्ता बचा है — सरकार इस समस्या का समाधान निकाले या फिर देश के युवा खुद समाधान निकालने के लिए आगे आएंगे। अब पानी सिर के ऊपर से गुजर चुका है। सरकार कुछ करे, नहीं तो युवाओं को कुछ करना पड़ेगा और युवा अब चुप नहीं बैठेंगे। देश का भविष्य देश का युवा है और देश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना जरूरी है। परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित हों यह जरूरी है और अगर सरकार यह सुनिश्चित नहीं करेगी तो देश के युवा खुद यह सुनिश्चित करेंगे।

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