मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक हुई, जिसमें रीजनल प्लान-2041, शहरी विकास, पर्यावरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा की गई।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान रीजनल प्लान-2041 पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया, जिसमें आने वाले वर्षों के लिए शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण, आधारभूत संरचना और सतत विकास की योजनाओं को शामिल किया गया।
also read: मोदी सरकार के 12 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को मिली तेज गति, ‘विकसित भारत’ लक्ष्य पर जोर
क्षेत्रीय सीमा में कोई बदलाव नहीं
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की मौजूदा सीमाओं में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा और वर्तमान क्षेत्रीय दायरा यथावत रहेगा।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
“बैठक में तय किया गया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के क्षेत्रीय दायरे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वर्तमान सीमा बनी रहेगी। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी… pic.twitter.com/ttJhYi9bYp
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 16, 2026
विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि NCR क्षेत्र में आवास, परिवहन व्यवस्था, औद्योगिक विकास और शहरी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।
रीजनल प्लान-2041 पर फोकस
रीजनल प्लान-2041 को NCR के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण रोडमैप माना गया है। इसमें संतुलित विकास, हरित क्षेत्र संरक्षण और आधुनिक शहरी ढांचे के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है।