हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में प्राकृतिक खेती कार्यशाला के दौरान किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने योजना से जुड़े आंकड़े भी साझा किए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला में किसानों से संवाद करते हुए प्राकृतिक खेती को भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती को लगातार बढ़ावा दे रही है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही बेहतर कृषि और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।
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2022 में शुरू हुई थी प्राकृतिक खेती योजना
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2022 में प्राकृतिक खेती योजना की शुरुआत की थी। उनके अनुसार, यह पहल केवल खेती की नई पद्धति नहीं बल्कि किसान, प्रकृति और भविष्य को जोड़ने वाला एक समग्र विकास मॉडल है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी कृषि प्रणाली को बढ़ावा देना है, जिससे खेती की लागत कम हो, मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।
2 लाख किसानों ने कराया पंजीकरण
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को लेकर किसानों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। उनके अनुसार, अब तक करीब 2 लाख किसानों ने लगभग 3 लाख एकड़ भूमि का प्राकृतिक खेती के लिए पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि किसान टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने पंचकूला में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला में किसानों से संवाद किया।
“हरियाणा सरकार ने वर्ष 2022 में प्राकृतिक खेती योजना की शुरुआत की थी। यह योजना किसान, प्रकृति और भविष्य को जोड़ने वाला एक नया विकास मॉडल है। प्रदेश में प्राकृतिक खेती को…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 8, 2026
2025-26 में 20 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में हुई प्राकृतिक खेती
मुख्यमंत्री के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य में 20,727 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती की गई है। उन्होंने इसे हरियाणा में प्राकृतिक खेती के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को प्रशिक्षण, जागरूकता और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
किसानों से किया प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान
कार्यशाला के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों से अपनी मिट्टी को स्वस्थ बनाने और प्राकृतिक खेती को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि खेती के पारंपरिक संसाधनों का संतुलित उपयोग किया जाए और प्राकृतिक तरीकों को अपनाया जाए, तो इससे किसानों, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों सभी को लाभ मिलेगा।