मंत्री मोहिंदर भगत ने पंजाब में 1,300 करोड़ रुपये की JICA परियोजना का ऐलान किया। इससे बागवानी, आधुनिक खेती और किसानों की आय बढ़ाने को मिलेगा बढ़ावा।
पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने राज्य के कृषि क्षेत्र को आधुनिक और अधिक लाभकारी बनाने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि 1,300 करोड़ रुपये की JICA सहायता प्राप्त परियोजना के माध्यम से पंजाब के बागवानी सेक्टर को नई तकनीक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और जलवायु अनुकूल खेती से मजबूत किया जाएगा।
मोहिंदर भगत ने कहा कि कृषि में विविधता लाना किसानों की आय बढ़ाने और पंजाब के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक फसलों पर निर्भरता कम करके हाई-वैल्यू फसलों की खेती को बढ़ावा देने से किसानों को बेहतर आर्थिक अवसर मिल सकते हैं।
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Diversifying agriculture is key to increasing farmers’ income and securing Punjab’s future.
Horticulture Minister @mohinderbhagat_ announced a ₹1,300 crore JICA-assisted project to modernise Punjab’s horticulture sector through climate-resilient farming, quality planting… pic.twitter.com/3HJcndmgez
— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 10, 2026
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत किसानों को जलवायु अनुकूल खेती (Climate Resilient Farming), गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, आधुनिक बागवानी तकनीकों और बेहतर कृषि सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इससे राज्य में फल, सब्जी और अन्य बागवानी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
बागवानी मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों को नई संभावनाओं से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर खेती को अधिक टिकाऊ और मुनाफे वाला बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का फोकस किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वैकल्पिक और ज्यादा लाभ देने वाली फसलों की ओर प्रोत्साहित करना है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र मजबूत होगा।
मोहिंदर भगत ने कहा कि बागवानी क्षेत्र में निवेश से न केवल किसानों को फायदा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री उपलब्ध होने से पंजाब का कृषि मॉडल और अधिक मजबूत बनेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पंजाब को कृषि विविधीकरण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है, जहां खेती पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ किसानों के लिए आर्थिक रूप से भी फायदेमंद साबित हो।