AAP पंजाब के नेता हरपाल सिंह चीमा ने मोदी सरकार की विदेश नीति और ईरान-अमेरिका तनाव में भूमिका की आलोचना की। उन्होंने बढ़ती गैस और तेल की कीमतों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
AAP पंजाब के नेता हरपाल सिंह चीमा ने मोदी सरकार की विदेश नीति की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को खतरे में डाल दिया है। आम आदमी पार्टी पंजाब के X पेज पर साझा किए गए बयान में, चीमा ने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार की कूटनीतिक रणनीति के कारण देश गहरे संकट की ओर बढ़ रहा है।
चीमा के अनुसार, बीजेपी नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों ने गैस और तेल की बढ़ती कीमतों में योगदान किया है, जिससे भारतीय नागरिकों पर बोझ बढ़ गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष रूप से दोषी ठहराया, क्योंकि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों, खासकर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को संभालने में असफलता दिखाई।
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हरपाल सिंह चीमा के मुख्य आरोप
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विदेश नीति में असफलता: चीमा का कहना है कि गलत कूटनीतिक निर्णयों ने भारत की ऊर्जा समस्याओं को बढ़ा दिया।
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नेतृत्व की कमी: उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और विदेश मंत्री ईरान में घट रही घटनाओं पर चुप क्यों हैं।
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आर्थिक आत्म-सम्मान का खतरा: चीमा ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार अपनी नीति नहीं बदलेगी, तो भारत अमेरिका के हितों के लिए एक बाजार या अधीनस्थ बनने का खतरा झेल सकता है।
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“भारत के हितों की कोई समझौता नहीं” – AAP की चेतावनी
चीमा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने विदेशी ताकतों को भारतीय नागरिकों पर प्राथमिकता दी है और कहा कि एपस्टीन फाइल्स जैसे विवादित खुलासों के डर ने राष्ट्रीय निर्णयों को प्रभावित किया। उन्होंने ईरान-अमेरिका संघर्ष में सरकार की भूमिका को “विनाशकारी” और भारत की भू-राजनीतिक स्थिति के लिए हानिकारक बताया।
आम आदमी पार्टी ने दोहराया कि वह भारत की आर्थिक संप्रभुता और वैश्विक मंच पर सम्मान की रक्षा करेगी और किसी भी प्रयास को रोकने का वचन दिया कि भारत को विदेशी ताकतों के लिए केवल एक बाजार या निर्भर देश न बनाया जाए।