उत्तर प्रदेश सरकार ने मिशन कर्मयोगी के तहत सभी अधिकारियों को 31 मार्च तक iGOT पर तीन पाठ्यक्रम पूरा कर रिपोर्ट अपलोड करने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन कर्मयोगी के तहत, उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी अधिकारियों को 31 मार्च तक AI सहित तीन अनिवार्य पाठ्यक्रम पूरा करने और iGOT पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इस संबंध में सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव को नोटिफिकेशन जारी किया है।
यूपी ने बनाया रिकॉर्ड
उत्तर प्रदेश ने iGOT पोर्टल पर पंजीकरण में प्रथम स्थान और पाठ्यक्रम पूर्णता में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन कर्मयोगी की इस पहल को क्रांतिकारी बताया और कहा कि इससे 18.8 लाख सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण लाभ मिला है। प्रदेश में अब तक 72 लाख से अधिक पाठ्यक्रम पूरे किए जा चुके हैं।
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क्या है निर्देश
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक विभाग को अपने अधीन सभी निदेशालय, निगम, परिषद, संस्था और संगठन में कार्यरत अधिकारियों के लिए विभागीय विषयों पर आधारित पाठ्यक्रम चिन्हित करने होंगे। सभी कर्मचारियों को 31 मार्च तक कम से कम तीन पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे।
पूर्ण किए गए पाठ्यक्रमों को मानव संपदा पोर्टल पर अंकित करना अनिवार्य होगा। इस पहल का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाना और डिजिटल प्रशिक्षण प्लेटफार्म iGOT के माध्यम से सतत विकास को सुनिश्चित करना है।
मिशन कर्मयोगी का व्यापक प्रभाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बैठक में कहा कि मिशन कर्मयोगी के तहत देशभर में 790 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक बनाया जा रहा है। यह पहल कर्मचारियों के कौशल विकास और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
इस पहल से अधिकारियों की AI और डिजिटल दक्षता में वृद्धि होगी और यूपी सरकार इसे क्रांतिकारी कदम के रूप में देख रही है।