सूरत में बारिश के बाद जलभराव को लेकर मनोज सोरठिया ने BJP सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ड्रेनेज व्यवस्था और विकास के दावों पर सवाल उठाए।
गुजरात के सूरत में भारी बारिश के बाद बने जलभराव के हालात को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता मनोज सोरठिया ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महज 24 घंटे की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
मनोज सोरठिया ने आरोप लगाया कि सूरत में हर साल मानसून के दौरान इसी तरह की स्थिति देखने को मिलती है, लेकिन लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा सरकार जल निकासी व्यवस्था और शहर की प्लानिंग को बेहतर नहीं बना पाई है।
बारिश के बाद जलभराव से बढ़ी लोगों की परेशानी
सोरठिया ने कहा कि भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि जलभराव के कारण छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि मानसून आने से पहले पर्याप्त तैयारी और मजबूत ड्रेनेज सिस्टम की जरूरत होती है, ताकि बारिश के दौरान आम नागरिकों को परेशानी न हो।
विकास के दावों पर उठाए सवाल
AAP नेता मनोज सोरठिया ने भाजपा सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद भी शहर की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है, तो विकास के दावों का क्या मतलब है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल विकास की बातें करती है, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई देती है।
ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर सरकार से मांगा जवाब
मनोज सोरठिया ने कहा कि सूरत जैसे बड़े शहर में बेहतर जल निकासी व्यवस्था और वैज्ञानिक शहरी योजना की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि सरकार को हर मानसून में पैदा होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को हर साल बारिश के समय परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
सूरत में बारिश और जलभराव को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां विपक्षी दल नगर व्यवस्था और ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं प्रशासन की ओर से बारिश के बाद हालात सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।