Tuesday, August 4, 2026

मनोज सोरठिया: मनसुख वसावा भाजपा में रहकर आदिवासियों का भला आपसे नहीं होगा, चैतर वसावा बनने की कोशिश करें

by Neha
मनोज सोरठिया: मनसुख वसावा भाजपा में रहकर आदिवासियों का भला आपसे नहीं होगा, चैतर वसावा बनने की कोशिश करें

आवाज उठाने के लिए सरकार ने चैतर वसावा को जेल में डाल दिया, यह लड़ाई भाजपा की मानसिकता के खिलाफ है : मनोज सोरठिया

आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन महासचिव मनोज सोरठिया ने एक गंभीर मामला सामने लाते हुए बताया कि, नर्मदा में वन विभाग के कर्मचारियों की दबंगई और अभद्र व्यवहार उजागर हो गया है। भाजपा के ही सांसद मनसुख वसावा के साथ बातचीत के दौरान वनकर्मियों ने जिस तरह गाली-गलौज की है, वह इस बात का सबूत है कि उनके हौसले कितने बढ़ गए हैं। इस घटना से निश्चित रूप से साबित होता है कि आदिवासी क्षेत्रों में इन वनकर्मियों का आम जनता के साथ व्यवहार कितना खराब और दबंगई भरा होगा। विधायक चैतर वसावा ने आदिवासियों के हित के लिए वन विभाग और वनकर्मियों के खिलाफ कई लड़ाइयां लड़ी हैं। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि चैतर वसावा पूरी तरह सही थे और उनके खिलाफ किए गए मामले पूरी तरह झूठे हैं। विपक्ष के रूप में जनता की आवाज उठाने के लिए सरकार ने उन्हें जेल में डाल दिया है।

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’आप’ नेता मनोज सोरठिया ने आगे कहा कि यह लड़ाई केवल भाजपा के खिलाफ ही नहीं, बल्कि भाजपा की आदिवासी विरोधी मानसिकता के खिलाफ है। उन्होंने भाजपा के सांसद मनसुख वसावा से भी अनुरोध करते हुए कहा कि यदि उन्हें इस तरह वनकर्मियों की गालियां नहीं खानी हैं तो भारतीय जनता पार्टी छोड़कर आदिवासियों के समर्थन में लड़ाई लड़ें। उन्होंने मनसुख वसावा को चैतर वसावा बनने की कोशिश करने की सलाह देते हुए कहा कि, भाजपा में रहकर कभी भी आदिवासियों का भला नहीं होने वाला, यह बात निश्चित है।

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