मान सरकार ने फटोही खेरा माइनर और हेड रेगुलेटर प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया, जिससे सिंचाई सुधार, जल संरक्षण और किसानों को फायदा मिलेगा।
पंजाब की मान सरकार ने फतोही खेड़ा गांव (हल्कन लम्बी विधानसभा क्षेत्र) में फटोही खेरा माइनर और हेड रेगुलेटर परियोजना का उद्घाटन किया। यह परियोजना कुल ₹1.20 लाख की लागत से शुरू की गई है और इसका उद्देश्य इलाके में सिंचाई सुविधाओं का सुधार, जल संरक्षण और पानी के सही वितरण को सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुदियान ने किया।
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਹਲਕਾ ਲੰਬੀ ਦੇ ਪਿੰਡ ਫਤੂਹੀ ਖੇੜਾ ਵਿਖੇ ₹1.20 ਲੱਖ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ਼ ਕਰਵਾਈ ਜਾ ਰਹੀ, ਫਤੂਹੀ ਖੇੜਾ ਮਾਈਨਰ ਦੀ ਕੰਕਰੀਟ ਲਾਈਨਿੰਗ ਅਤੇ ਹੈਡ ਰੈਗੂਲੇਟਰ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਮੰਤਰੀ @gurmeetkhuddian ਨੇ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟ ਨਾਲ਼ ਇਲਾਕੇ ‘ਚ ਸਿੰਜਾਈ ਸਹੂਲਤਾਂ ਬਿਹਤਰ ਬਣਨਗੀਆਂ ਅਤੇ ਇਹ ਪਾਣੀ ਦੀ ਬਚਤ ਅਤੇ… pic.twitter.com/A8h24l0ZRj
— AAP Punjab (@AAPPunjab) March 20, 2026
फटोही खेरा माइनर और हेड रेगुलेटर प्रोजेक्ट से किसानों को लाभ
फटोही खेरा माइनर और हेड रेगुलेटर की कंक्रीट लाइनिंग का उद्देश्य खेतों तक जल पहुंच को बेहतर और कुशल बनाना है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल पानी की बर्बादी में कमी आएगी, बल्कि क्षेत्र के किसान अब समय पर पर्याप्त जल प्राप्त कर सकेंगे। यह प्रोजेक्ट खासकर खरीफ और रबी फसलों में सिंचाई सहायता प्रदान करेगा, जिससे कृषि उत्पादन में सुधार होगा।
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कृषि मंत्री के हवाले से परियोजना का महत्व
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुदियान ने कहा कि फटोही खेरा माइनर की कंक्रीट लाइनिंग और हेड रेगुलेटर का कार्य पानी के वितरण को वैज्ञानिक तरीके से सुनिश्चित करेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना से स्थानीय किसान सिंचाई के लिए कम समय और संसाधन खर्च करेंगे और जल संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
परियोजना का सामुदायिक और आर्थिक प्रभाव
इस प्रकार की इरिगेशन परियोजनाएं केवल कृषि को सशक्त नहीं बनाती, बल्कि स्थानीय समुदाय की आर्थिक स्थिरता और जीवनस्तर में सुधार लाती हैं। फटोही खेरा माइनर के बेहतर पानी वितरण से किसानों को कम लागत में अधिक फसल प्राप्त होगी। वैज्ञानिक समन्वय के साथ पानी की उपलब्धता और वितरण से जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
मान सरकार ने पहले भी कृषि और जल संसाधन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है और यह कदम राज्य के व्यापक कृषि सुधार कार्यक्रम का हिस्सा है। प्रदेश में सिंचाई नेटवर्क को मजबूत बनाना, जलबंदियों का आधुनिकीकरण और सिंचाई प्रणाली सुधारना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।