दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी (AAP) और प्रतिपक्ष नेता अतिशी पर तेज हमला करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के अपमानजनक कथित शब्दों को झूठ को सच साबित करने की कोशिश के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने पंजाब पुलिस की फॉरेंसिक रिपोर्ट पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि यह रिपोर्ट बिना मूल वीडियो और अतिशी के वॉयस सैंपल के तैयार की गई।
झूठ को सच साबित करने की कोशिश
सिरसा ने कहा कि AAP इस मामले में सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का राजनीतिक चरित्र हमेशा से झूठ पर आधारित रहा है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा के भीतर गुरु तेग बहादुर जी के संदर्भ में कथित अपमानजनक शब्दों को छिपाने की कोशिश को भी इसी परंपरा से जोड़कर बताया।
सिरसा ने स्पष्ट किया कि यह मामला State vs Meta है, न कि व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट धारकों के खिलाफ। इसके बावजूद पंजाब पुलिस ने कई फेसबुक, इंस्टाग्राम और X अकाउंट्स की सूची अदालत में पेश की।
फॉरेंसिक जांच पर उठाए सवाल
सिरसा ने फॉरेंसिक प्रक्रिया की गंभीर आलोचना की और बताया कि रिपोर्ट इस प्रकार तैयार की गई:
-
बिना मूल विधानसभा वीडियो के
-
बिना अतिशी को बुलाए
-
बिना उनका वॉयस सैंपल लिए
-
आईटी या साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ की मदद के बिना, केवल एक कांस्टेबल द्वारा AI टूल का उपयोग करके
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में सिर्फ “वीडियो डॉक्टर्ड है” लिखा गया है, लेकिन वीडियो में किस हिस्से में छेड़छाड़ हुई, इसका कोई विवरण नहीं दिया गया।
also read: दिल्ली सरकार ने 10 साल में रद्द किए 4.20 लाख राशन कार्ड,…
पंजाब पुलिस की भूमिका पर सवाल
सिरसा ने आरोप लगाया कि पटियाला के एक एसपी की वायरल ऑडियो फॉरेंसिक जांच में पुलिस ने ऑडियो सैंपल न मिलने का हवाला दिया, लेकिन विधानसभा वीडियो की जांच बिना सैंपल के पूरी कर दी। यह उनके अनुसार दोहरा मापदंड है।
अतिशी की चुप्पी
सिरसा ने कहा कि घटना के बाद से प्रतिपक्ष नेता अतिशी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आईं और न ही विधानसभा में दिखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार उन्हें बचाने की कोशिश में लगी हुई है।
धार्मिक भावनाओं पर चोट
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के संदर्भ में कथित शब्दों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक विवाद नहीं है, बल्कि गंभीर धार्मिक मुद्दा है।
“सौ झूठ भी सच नहीं बना सकते”
सिरसा ने कहा कि सच्चाई कभी झूठ से नहीं बदली जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में न तो अतिशी और न ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इस पाप से मुक्त हो पाएंगे।