मनीष सिसोदिया का आरोप: ऑस्ट्रेलिया ने पेट्रोल की कीमतें घटाईं, भारत में मोदी सरकार ने आम जनता को कोई राहत नहीं दी।
पूर्व उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने ऊर्जा संकट के बीच अपनी जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल की कीमतों में कटौती की, जबकि भारत में आम जनता को कोई राहत नहीं दी गई।
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सिसोदिया ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ तेल कंपनियों के मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए एक्साइज ड्यूटी घटाई, लेकिन आम आदमी की जेब पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि इतने बड़े ऊर्जा संकट के समय भी सरकार की प्राथमिकता बड़ी कंपनियों और उद्योगपतियों की रही, जबकि आम लोगों की आर्थिक सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया।
ऑस्ट्रेलिया ने ऊर्जा संकट के असर से अपने नागरिकों को बचाने के लिए पेट्रोल की कीमतें कम कीं।
लेकिन अपने यहाँ, नरेंद्र मोदी जी ने excise duty घटाकर oil कंपनियों के मुनाफे को बचाया, लेकिन आम आदमी को कोई राहत नहीं दी।
इतने बड़े संकट के बीच भी मोदी जी को अपने उद्योगपति दोस्तों की… https://t.co/fNWjDHsrSM
— Manish Sisodia (@msisodia) March 30, 2026
सिसोदिया ने आगे कहा कि बढ़ती ईंधन की कीमतें और महंगाई आम जनता के रोज़मर्रा के खर्च और जीवनशैली पर गंभीर प्रभाव डाल रही हैं। उनका कहना है कि सरकार की नीतियाँ अक्सर उद्योगपतियों के हित में बनाई जा रही हैं, न कि आम नागरिकों के लिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि देशभर में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और ऊर्जा संकट के बीच सरकार को तुरंत कदम उठाकर आम जनता की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
मनीष सिसोदिया का यह बयान इस बात पर प्रकाश डालता है कि ऊर्जा संकट के समय भी केंद्र सरकार की नीतियाँ उद्योगपतियों पर आधारित हैं, और आम आदमी को राहत देने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।