मलमास 2026 समाप्त: 15 जून को खत्म होगा अधिकमास, 25 जुलाई से पहले निपटा लें सभी शुभ कार्य

मलमास 2026 समाप्त: 15 जून को खत्म होगा अधिकमास, 25 जुलाई से पहले निपटा लें सभी शुभ कार्य

मलमास 2026: मलमास 2026 15 जून को समाप्त होगा। जानें कब से शुरू होंगे शुभ कार्य, विवाह मुहूर्त, चातुर्मास की तिथि और 25 जुलाई से पहले क्यों जरूरी हैं सभी मांगलिक कार्य।

मलमास 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में चल रहा अधिकमास (मलमास) 15 जून 2026 को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद 19 जून 2026 से एक बार फिर विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो सकेगी। हालांकि, 25 जुलाई 2026 से चातुर्मास आरंभ हो जाएगा, जिसके चलते चार महीनों तक शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी। ऐसे में ज्योतिषाचार्य सलाह दे रहे हैं कि सभी महत्वपूर्ण कार्य 25 जुलाई से पहले पूरे कर लिए जाएं।

क्या है मलमास (अधिकमास)?

अधिकमास को मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह महीना लगभग हर तीन साल में एक बार आता है और इसे भगवान विष्णु को समर्पित किया गया है।

इस अवधि को आध्यात्मिक साधना, जप, तप, स्नान और दान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। वहीं, इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण और अन्य मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।

मलमास 2026 की तिथि

शुरुआत: 17 मई 2026
समापन: 15 जून 2026

15 जून को मलमास समाप्त होने के बाद शुभ कार्यों की अनुमति फिर से मिल जाएगी।

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मलमास के बाद कब शुरू होंगे शुभ कार्य?

मलमास समाप्त होते ही 19 जून 2026 से विवाह और अन्य मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। ज्योतिष गणना के अनुसार जून और जुलाई में कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे।

जून 2026 विवाह मुहूर्त: 19, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28 और 29 जून

जुलाई 2026 विवाह मुहूर्त: 01, 06, 07 और 11 जुलाई

25 जुलाई 2026 से शुरू होगा चातुर्मास

ज्योतिष के अनुसार 25 जुलाई 2026, शनिवार को देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास की शुरुआत होगी। यह पवित्र अवधि लगभग 119 दिनों तक चलेगी और 20 नवंबर 2026 को देवउठनी एकादशी के साथ समाप्त होगी।

चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं, इसलिए इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।

चातुर्मास का धार्मिक महत्व

चातुर्मास को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। इस दौरान साधक व्रत, भजन, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों पर विशेष ध्यान देते हैं। मान्यता है कि इस समय किए गए आध्यात्मिक कार्यों का विशेष फल मिलता है, जबकि सांसारिक मांगलिक कार्यों को स्थगित रखा जाता है।

ज्योतिषाचार्यों की सलाह

पंडितों और ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि 25 जुलाई 2026 के बाद चातुर्मास शुरू हो जाएगा, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यों को उससे पहले ही पूरा करना उचित रहेगा।

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