शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने समग्र शिक्षा योजना के तहत SMC गठन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह समिति शिक्षा सुधार, पारदर्शिता और स्कूलों के बेहतर संचालन में अहम भूमिका निभाती है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा है कि ‘समग्र शिक्षा योजना’ के तहत प्रत्येक विद्यालय में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) का गठन शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। उन्होंने कहा कि ये समितियां केवल औपचारिक या कागजी निकाय नहीं हैं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में इनकी अहम भूमिका है।
शिक्षा सुधार में एसएमसी की अहम भूमिका
शिक्षा मंत्री ने बताया कि एसएमसी एक महत्वपूर्ण वैधानिक मंच के रूप में कार्य करती हैं, जहां अभिभावक, शिक्षक और स्थानीय समुदाय के सदस्य मिलकर विद्यालय के बेहतर संचालन के लिए रणनीति तैयार करते हैं। इससे स्कूलों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनती है।
‘समग्र शिक्षा योजना’ के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) का गठन शिक्षा के भविष्य के नजरिये से कारगर है। ये समितियां केवल कागजी निकाय नहीं हैं, बल्कि शिक्षा के स्तर को धरातल पर सुधारने में इनका महत्वपूर्ण योगदान है।
एसएमसी एक महत्वपूर्ण वैधानिक निकाय के… pic.twitter.com/t9lA9yLpJn
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 7, 2026
सामुदायिक भागीदारी पर जोर
महीपाल ढांडा ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में समुदाय की भागीदारी बेहद जरूरी है। एसएमसी के माध्यम से स्कूलों में वास्तविक समस्याओं की पहचान और उनके समाधान में तेजी आती है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल पाता है।
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शिक्षा के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम
उन्होंने कहा कि यह पहल शिक्षा के भविष्य के दृष्टिकोण से अत्यंत उपयोगी है और इससे सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो और विद्यालयों का समग्र विकास हो।