Magh Mela 2026: मकर संक्रांति पर गंगा स्नान का विशेष महत्व, जानें शुभ मुहूर्त और विवरण

Magh Mela 2026: मकर संक्रांति पर गंगा स्नान का विशेष महत्व, जानें शुभ मुहूर्त और विवरण

Magh Mela 2026 में मकर संक्रांति पर गंगा स्नान का विशेष महत्व। जानें स्नान का शुभ मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त समय और माघ मेले में डुबकी लगाने के फायदे। लाखों श्रद्धालु करेंगे पुण्य स्नान।

Magh Mela 2026: माघ मेले में इस साल भी लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए प्रयागराज में जुटेंगे। माघ मेले की शुरुआत पौष पूर्णिमा से हुई थी और अब दूसरे स्नान की प्रतीक्षा है। मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि यह दिन देवताओं के लिए शुभ और पुण्यकारी समय माना जाता है।

मकर संक्रांति पर माघ मेले का दूसरा स्नान

इस साल माघ मेले का दूसरा स्नान 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति पर होगा। मकर संक्रांति का दिन सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है और इसे साल की सभी संक्रांति में विशेष स्थान प्राप्त है। इस दिन स्नान करने का पुण्य कई यज्ञ करने के बराबर माना जाता है।

माघ मेले की कुल अवधि 45 दिन है। पहले दिन पौष पूर्णिमा पर लगभग 31 लाख श्रद्धालु ने संगम में स्नान किया था। इस बार मकर संक्रांति पर अनुमान है कि 1 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान करेंगे।

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मकर संक्रांति स्नान का शुभ मुहूर्त

मकर संक्रांति के दिन पुण्यकाल और महापुण्यकाल का समय दोपहर 3:13 बजे से शाम 5:20 बजे तक रहेगा।

ब्रह्म मुहूर्त स्नान: शास्त्रों के अनुसार, माघ मेले के दौरान ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत फलदायी माना गया है। इस साल ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:51 से लेकर 5:44 बजे तक रहेगा।

माघ मेले में मकर संक्रांति स्नान का महत्व

मकर संक्रांति और माघ मेला एक साथ आने पर यह केवल त्योहार नहीं रह जाता, बल्कि आस्था, आत्मिक शुद्धि और आध्यात्मिक अनुभव का महासंगम बन जाता है। जैसे सूर्य अंधकार को चीरकर नई दिशा में बढ़ता है, उसी तरह श्रद्धालु माघ मेले में गंगा में डुबकी लगाकर अपने जीवन से नकारात्मकता और पापों को दूर करने की कामना करते हैं।

माघ मेले में स्नान करने और दान करने से जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।

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