गर्मी के मौसम में Sweating आना सामान्य है क्योंकि शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए पसीना निकालता है। लेकिन अगर तापमान अधिक होने पर भी पसीना बहुत कम आए या बिल्कुल न आए, तो यह सामान्य नहीं है। कई लोग इसे अच्छी बात समझते हैं, लेकिन सच में यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
जब शरीर गर्मी में Sweating नहीं निकालता, तो अंदर का तापमान बढ़ सकता है, जिससे हीट स्ट्रोक जैसी खतरनाक स्थिति बन सकती है। यह समस्या धीरे-धीरे भी विकसित हो सकती है, जहां पहले की तुलना में पसीना कम आने लगता है या केवल कुछ हिस्सों में आता है।
चिकित्सा भाषा में Sweating कम आने को हाइपोहाइड्रोसिस और बिल्कुल न आने को एन्हाइड्रोसिस कहा जाता है। यह खुद कोई बीमारी नहीं, बल्कि किसी अन्य रोग का लक्षण हो सकता है, जैसे नर्वस सिस्टम की गड़बड़ी, त्वचा की समस्या, डायबिटीज, नर्व डैमेज, ऑटोइम्यून बीमारियां, कुछ दवाओं का असर या रेडिएशन थेरेपी के बाद की स्थिति।
अगर गर्मी में अचानक Sweating आना बंद हो जाए, तो यह गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। साथ में चक्कर, थकान, तेज धड़कन या बुखार जैसे लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। समय रहते कारण पहचानकर उसका इलाज कराना ही सबसे सुरक्षित तरीका है, क्योंकि पसीना आना शरीर की प्राकृतिक और जरूरी प्रक्रिया है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।