Sunday, May 10, 2026

लक्ष्मी जयंती 2026: लक्ष्मी जयंती मार्च 2026 में कब और चंद्र ग्रहण का क्या असर?

by Versha
Lakshmi Jayanti 2026: लक्ष्मी जयंती मार्च 2026 में कब और चंद्र ग्रहण का क्या असर?

लक्ष्मी जयंती 2026: जानें 3 मार्च को मां लक्ष्मी की पूजा का सही समय, चंद्र ग्रहण का असर और पूजा विधि। धन-समृद्धि के लिए जरूरी जानकारी।

लक्ष्मी जयंती 2026: लक्ष्मी जयंती, धन-समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। वैदिक पंचांग और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि को आता है। मान्यता है कि इसी दिन क्षीरसागर के मंथन के समय मां लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। विशेष रूप से दक्षिण भारत के राज्यों में लक्ष्मी जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है।

लक्ष्मी जयंती 2026 की तारीख

इस वर्ष लक्ष्मी जयंती 3 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि 2 मार्च शाम 5:55 बजे से शुरू होकर 3 मार्च शाम 5:07 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार 3 मार्च को ही लक्ष्मी जयंती है।

इस दिन भक्त लक्ष्मी होम (हवन) का आयोजन करते हैं और विधिपूर्वक पूजा और व्रत करते हैं। लेकिन इस वर्ष विशेष बात यह है कि फाल्गुन पूर्णिमा पर साल का पहला चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) भी लग रहा है।

लक्ष्मी जयंती पूजा पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव

भारतीय समय अनुसार चंद्र ग्रहण 3 मार्च दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। इसके चलते ग्रहण के दौरान लगने वाला सूतक भी माना जाएगा, जो 3 मार्च सुबह 6:20 से शुरू होगा।

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भक्तों के लिए सुझाव है कि यदि आप लक्ष्मी जयंती पूजा कर रहे हैं तो इसे सुबह 6:00 बजे तक कर लें या सूतक समाप्त होने के बाद शाम 7:00 बजे के आसपास पूजा कर सकते हैं। ग्रहण के दौरान उपवास रहकर मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप और ध्यान करना शुभ माना जाता है।

लक्ष्मी जयंती पूजा विधि

  1. ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें।

  2. पूजा स्थल पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।

  3. कलश में जल, सुपारी, सिक्का, अक्षत और आम के पत्ते डालें और ऊपर नारियल रखें।

  4. पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें और पूजा का संकल्प लें।

  5. देवी लक्ष्मी को कुमकुम, सिंदूर, कमल के फूल, फल और भोग (लड्डू, खीर) अर्पित करें।

  6. धूप-दीप जलाएं और अंत में आरती करें।

  7. विशेष रूप से, इस दिन शहद में डूबे कमल के फूल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

ध्यान देने योग्य बातें

  • चंद्र ग्रहण के दौरान सीधे पूजा या हवन से बचें।

  • ग्रहण के पहले या बाद में पूजा करना अधिक शुभ है।

  • उपवास रहकर मंत्र जाप और ध्यान करने से लक्ष्मी माता की कृपा प्राप्त होती है।

लक्ष्मी जयंती 2026 में सही समय और विधि का ध्यान रखते हुए पूजा करने से धन, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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