कुलदीप धालीवाल: रंधावा का “संयुक्त पंजाब कांग्रेस” का दावा बेबुनियाद, खुद ही सत्ता की दौड़ में शामिल

by Neha
कुलदीप धालीवाल: रंधावा का “संयुक्त पंजाब कांग्रेस” का दावा बेबुनियाद, खुद ही सत्ता की दौड़ में शामिल

कुलदीप धालीवाल ने सुखजिंदर रंधावा के “संयुक्त पंजाब कांग्रेस” के दावे को खोखला बताया। उन्होंने कांग्रेस की गुटबाजी, आंतरिक कलह और सत्ता संघर्ष पर सवाल उठाते हुए आप सरकार के कामकाज पर भरोसा जताया।

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप धालीवाल ने कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा के हालिया बयानों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि “संयुक्त पंजाब कांग्रेस” की बात पूरी तरह खोखली और जनता को भ्रमित करने वाली है। उन्होंने कहा कि जमीनी सच्चाई यह है कि पंजाब कांग्रेस आज भी आंतरिक कलह, गुटबाजी और आपसी संघर्ष से जूझ रही है।

जारी बयान में कुलदीप धालीवाल ने कहा कि रंधावा सार्वजनिक मंचों पर यह दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस में कोई मतभेद नहीं है और राहुल गांधी या पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल जिसे भी मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करेंगे, वह उन्हें स्वीकार करेंगे। लेकिन कुछ ही दिन पहले एक टीवी इंटरव्यू में रंधावा खुद यह स्वीकार कर चुके हैं कि वे प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री दोनों पदों की इच्छा रखते हैं। धालीवाल ने कहा कि जो नेता अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं पर नियंत्रण नहीं रख पा रहा, उसे पार्टी की एकता पर भाषण देने का नैतिक अधिकार नहीं है।

आप नेता ने आगे कहा कि यह मसला केवल रंधावा तक सीमित नहीं है। पंजाब कांग्रेस के लगभग सभी वरिष्ठ नेता—चाहे वे राजा वारिंग, चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा या राणा गुरजीत सिंह हों—सभी सत्ता की दौड़ में लगे हुए हैं। हर नेता का अपना अलग गुट है और हर कोई खुद को मुख्यमंत्री या पार्टी अध्यक्ष के रूप में देखना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज पंजाब कांग्रेस कई धड़ों में बंटी हुई है और जनता के मुद्दों के बजाय नेता अपनी निजी राजनीतिक लड़ाइयों में उलझे हुए हैं।

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कुलदीप धालीवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब में कांग्रेस के लगातार पतन के लिए यही अंदरूनी गुटबाजी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे जितनी भी कोशिश कर ले, वह राज्य में दोबारा सत्ता में आने की स्थिति में नहीं है। पिछले कई दशकों का राजनीतिक इतिहास इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस ने पंजाब को अस्थिर नेतृत्व और आपसी खींचतान के अलावा कुछ नहीं दिया।

रंधावा को सीधी चुनौती देते हुए धालीवाल ने कहा कि यदि वे वास्तव में पंजाब और पार्टी की एकता की बात करते हैं, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करनी चाहिए कि पार्टी जिसे भी मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाएगी, वे उसे बिना किसी शर्त के स्वीकार करेंगे।

आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यों पर भरोसा जताते हुए धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आप सरकार ने बीते वर्षों में कई ऐतिहासिक और जनहितैषी फैसले लिए हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले एक वर्ष में सरकार विकास और जनकल्याण के और भी बड़े कार्य करेगी।

कुलदीप धालीवाल ने अंत में कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस चाहे एकजुट होने का दावा करे या फिर गुटों में बंटी रहे, पंजाब की जनता पहले ही उसे नकार चुकी है। जनता ने काम के आधार पर आम आदमी पार्टी को समर्थन दिया है और आने वाले चुनावों में भी आप एक बार फिर राज्य में सरकार बनाएगी।

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