किशाऊ बांध परियोजना को लेकर जल्द राज्यों की अहम बैठक होगी, जिसमें जल बंटवारे और बिजली उत्पादन पर चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर जल्द ही एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे, जहां जल बंटवारे और बिजली उत्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना सभी संबंधित राज्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ेगी और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
किशाऊ बांध को लेकर जल्द ही हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी तथा बांध से जुड़े जल बंटवारे व बिजली को लेकर फैसला किया जाएगा।
“यह बांध परियोजना सभी प्रदेशों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे बड़ी मात्रा में पानी मिलेगा, जो सभी के… pic.twitter.com/e3pWTYm7PZ
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 13, 2026
जल संसाधन और ऊर्जा उत्पादन पर फोकस
किशाऊ बांध परियोजना से न केवल जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी, बल्कि बिजली उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि की संभावना है। बैठक में राज्यों के बीच जल वितरण के साथ-साथ ऊर्जा हिस्सेदारी को लेकर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।
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राज्यों के बीच सहयोग पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस तरह की बड़ी परियोजनाओं की सफलता के लिए सभी राज्यों का आपसी सहयोग और समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहमति से ही इस परियोजना को आगे बढ़ाया जा सकता है।
परियोजना से क्षेत्रीय विकास की उम्मीद
किशाऊ बांध को लेकर होने वाली यह प्रस्तावित बैठक जल प्रबंधन, सिंचाई और ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे संबंधित राज्यों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।