खरमास 2026: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार खरमास का समापन 14 अप्रैल 2026 को होगा। इसके बाद देशभर में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य सभी मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे। इस अवधि के बाद नया शुभ समय और धार्मिक गतिविधियों का आरंभ माना जाता है।
14 अप्रैल 2026 से शुरू होगा नया सौर वर्ष
14 अप्रैल 2026 को सुबह 9:38 बजे सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे मेष संक्रांति कहा जाता है। वैदिक ज्योतिष में यह गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस दिन से नया सौर वर्ष भी शुरू हो जाता है और सूर्य मेष राशि में उच्च स्थिति में होते हैं।
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खरमास के बाद इन राशियों पर पड़ेगा शुभ प्रभाव
तुला राशि
खरमास के बाद तुला राशि के जातकों के लिए वैवाहिक जीवन और साझेदारी के मामलों में सुधार के संकेत हैं। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी और व्यापार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। प्रेम संबंधों में सुधार होगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।
धनु राशि
धनु राशि के लिए यह समय करियर और आर्थिक दृष्टि से लाभकारी रहेगा। नए प्रोजेक्ट और निवेश से भविष्य में अच्छा लाभ मिल सकता है।
मेष राशि
मेष राशि के लिए यह गोचर अत्यंत शुभ माना गया है। नए कार्यों की शुरुआत, आत्मविश्वास में वृद्धि और करियर में उन्नति के संकेत मिल रहे हैं।
धार्मिक दृष्टि से खरमास के बाद शुभ कार्यों का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास समाप्त होने के बाद पूजा-पाठ, यज्ञ, हवन, दान और तीर्थ यात्रा का विशेष महत्व बढ़ जाता है। इस समय भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा को अत्यंत फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए शुभ कार्यों का कई गुना फल प्राप्त होता है।