Saturday, April 18, 2026

मंत्री प्रवेश वर्मा ने अफसरों को किया निलंबित, उच्चस्तरीय जांच के आदेश

by Neha
मंत्री प्रवेश वर्मा ने अफसरों को किया निलंबित, उच्चस्तरीय जांच के आदेश

सीवर निर्माण में लापरवाही पर मंत्री प्रवेश वर्मा सख्त। अधिकारियों को सस्पेंड किया गया, उच्चस्तरीय जांच और सुरक्षा ऑडिट के आदेश।

राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में हुए सड़क हादसे ने निर्माण कार्यों में बरती जा रही सुरक्षा लापरवाही को एक बार फिर उजागर कर दिया है। जोगिंदर सिंह मार्ग पर सीवर निर्माण के दौरान हुई इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने तत्काल कार्रवाई की है। मंत्री ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।

सीवर निर्माण में बड़ी लापरवाही आई सामने

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे वाली जगह पर बीते कई महीनों से सीवर लाइन का काम चल रहा था। इस दौरान करीब 6 मीटर लंबा, 4 मीटर चौड़ा और 4.25 मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया था। हालांकि कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। खासकर खुदाई वाले क्षेत्र के आसपास दोपहिया वाहनों की आवाजाही जारी थी, जिससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ गई।

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पहले से थे सख्त निर्देश, फिर भी नहीं हुआ पालन

मंत्री प्रवेश वर्मा के निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि इससे पहले जनवरी में नोएडा में इसी तरह की घटना हो चुकी थी। इसके बाद 24 जनवरी को दिल्ली जल बोर्ड, पीडब्ल्यूडी और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा सभी संबंधित एजेंसियों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, जनकपुरी की घटना ने इन निर्देशों के जमीनी स्तर पर लागू न होने की पोल खोल दी।

तीन इंजीनियर सस्पेंड, एजेंसी पर भी कार्रवाई

सुरक्षा में गंभीर चूक मानते हुए मंत्री प्रवेश वर्मा ने कार्यकारी अभियंता (EE), सहायक अभियंता (AE) और कनिष्ठ अभियंता (JE) को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही जिस ठेकेदार एजेंसी द्वारा काम कराया जा रहा था, उसके खिलाफ भी जांच शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस जांच और हाई-लेवल कमेटी गठित

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, दिल्ली जल बोर्ड की ओर से एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है, जो यह तय करेगी कि लापरवाही किस स्तर पर हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुधार जरूरी हैं।

मंत्री प्रवेश वर्मा का बयान

मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और सरकार प्रभावित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इसके साथ ही मंत्री ने दिल्ली भर में चल रहे सीवर, सड़क और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सभी निर्माण कार्यों का सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए हैं।

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