इसुदान गढ़वी का बयान: 700 लोगों के वोटिंग अधिकार छीने जाने पर गुजरात की राजनीति में मचा विवाद

इसुदान गढ़वी का बयान: 700 लोगों के वोटिंग अधिकार छीने जाने पर गुजरात की राजनीति में मचा विवाद

AAP नेता इसुदान गढ़वी ने आरोप लगाया है कि 700 लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया गया, जिसे उन्होंने लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया।

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता इसुदान गढ़वी ने हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर कड़ा बयान देते हुए आरोप लगाया है कि करीब 700 लोगों को उनके मतदान अधिकार से वंचित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब इस तरह की स्थिति सामने आई है और इसे लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सामान्य या “ऐतिहासिक” बताकर पेश करना गलत है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

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लोकतंत्र पर उठे सवाल

इसुदान गढ़वी ने कहा कि लोकतंत्र का आधार हर नागरिक को समान मतदान अधिकार देना है, लेकिन यदि लोगों को वोट देने से वंचित किया जाएगा तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए “रेड अलर्ट” जैसी स्थिति बताया और कहा कि इससे जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है।

अंतरराष्ट्रीय उदाहरण का उल्लेख

अपने बयान में उन्होंने बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति का भी उल्लेख किया और शेख हसीना के शासन का संदर्भ देते हुए कहा कि जब विपक्ष की आवाज़ दबाई जाती है तो लोकतंत्र कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा है जहां सत्ता का दुरुपयोग अंततः अस्थिरता का कारण बना।

लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर

AAP नेता ने कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव बेहद जरूरी हैं और हर योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वोटिंग अधिकारों में किसी भी तरह की बाधा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करती है।

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