आंदोलन और हड़ताल दूर की बात रही लेकिन अब लोग सरकार के खिलाफ बोलने से भी डरते हैं: इसुदान गढ़वी
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने कहा कि एक बार फिर सुबह होते ही पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की खबर आई है। पिछले 11 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम लगभग साढ़े सात रुपए तक बढ़ गए हैं। जब नरेंद्र मोदी सत्ता में आए थे तब पेट्रोल की कीमत लगभग 62 रुपए के आसपास थी और डॉलर के मुकाबले रुपया भी लगभग 60-62 के आसपास था। लेकिन आज पेट्रोल 100 पार पहुंच गया है, स्थिति पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों के कारण आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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पहले एक रुपया पेट्रोल या डीजल बढ़ता था तो पूरे देश में ट्रकों के पहिए रुक जाते थे और लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिलता था, जबकि आज सात-सात और आठ-आठ रुपए बढ़ने के बावजूद लोग बोल भी नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसी व्यवस्था खड़ी कर दी है कि लोग आंदोलन करने की बात भी नहीं कर सकते। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से सभी जीवन जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं और महंगाई की मार आम और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रही है।
નવી સવાર પડી અને પેટ્રોલ ડીઝલના ભાવ ફરી વધી ગયા, 11 દિવસમાં પેટ્રોલ અને ડીઝલમાં 7.50 રૂપિયા વધ્યા જેમાં પેટ્રોલ 100 ને પાર પહોંચ્યું.
પેટ્રોલ અને ડીઝલના વધતા ભાવના કારણે મોંઘવારી સતત વધી રહી છે લોકો મુશ્કેલીઓનો સામનો કરી રહ્યા છે.
રશિયા સસ્તા ભાવે ઓઇલ અને ગેસ આપવા માંગે છે પણ… pic.twitter.com/PGKI4VWLCQ
— AAP Gujarat (@AAPGujarat) May 25, 2026
AAP नेता इसुदान गढ़वी ने आगे कहा कि आज आम परिवारों के लिए रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। सब्जियों से लेकर सभी जीवन जरूरी चीजों के दाम बढ़ रहे हैं और सरकार सिर्फ यह कह रही है कि अभी कंट्रोल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों पर धीरे-धीरे महंगाई का जहर डाला जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम घट रहे हैं फिर भी भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूस सस्ते दामों में तेल देने को तैयार है फिर भी उसका लाभ जनता को नहीं मिल रहा है। इसुदान गढ़वी ने गुजरात की जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर महंगाई का अंत लाना है तो अब जनता को जागना पड़ेगा। कोई पार्टी नहीं बल्कि समाज या जाति के नेता भी कहां गए? कोई आवाज ही नहीं उठा रहा है। इतनी महंगाई बढ़ने के बावजूद कोई बोल नहीं रहा है। इसलिए आपके और मेरे लिए हमें खुद जागना पड़ेगा, कोई दूसरा लड़ने नहीं आएगा। हमें खुद जागकर सरकार को जवाब देना पड़ेगा।