इस साल का अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 21 दिवसीय भव्य कार्यक्रम के रूप में 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र पूरी तरह तैयार है, और इस महोत्सव में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। पिछले साल भी करीब 45 लाख श्रद्धालु महोत्सव में शामिल हुए थे।
राज्यपाल और पीएम मोदी का खास योगदान
राज्यपाल असीम घोष महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को महोत्सव में शामिल होंगे। इस दौरान ज्योतिसर स्थित महाभारत अनुभव केंद्र का उद्घाटन भी किया जाएगा।
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन
महोत्सव के दौरान ब्रह्मसरोवर तट पर भव्य गीता महाआरती का आयोजन होगा, जो 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक चलेगा। इसके अतिरिक्त, 16 नवंबर को गीता रन का आयोजन होगा, जिसमें पुरुष और महिला वर्ग को 31 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
24 नवंबर को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 16 देशों के 25 विद्वान गीता पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे।
इसके साथ ही, 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि के तीर्थों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम 25 नवंबर से 1 दिसंबर तक आयोजित होंगे।
नए पवेलियन और सांस्कृतिक विरासत की प्रदर्शनी
इस बार हरियाणा के साथ-साथ मध्यप्रदेश का भी पवेलियन महोत्सव में शामिल होगा। ये पवेलियन पुरुषोत्तमपुरा बाग के समक्ष द्रोपदी कूप के आसपास बनाए जाएंगे। पवेलियनों का शुभारंभ 24 नवंबर को मुख्य कार्यक्रमों के साथ होगा।
200 से ज्यादा कलाकारों को आमंत्रित किया गया है, जो अपनी-अपनी सांस्कृतिक कला का प्रदर्शन करेंगे। ये कलाकार ब्रह्मसरोवर के घाटों पर कला का प्रदर्शन करेंगे और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक धरोहर को प्रस्तुत करेंगे।
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महोत्सव के प्रमुख कार्यक्रम:
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15 नवंबर – 5 दिसंबर: ब्रह्मसरोवर तट पर गीता महाआरती।
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16 नवंबर: गीता रन, जिसमें विजेताओं को 31 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
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24 नवंबर: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी।
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25 नवंबर – 1 दिसंबर: 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि पर सांस्कृतिक कार्यक्रम।
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26 – 30 नवंबर: पुरुषोत्तमपुरा बाग में पदम विभूषित रामभद्राचार्य कथा।
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29 नवंबर: पुरुषोत्तमपुरा बाग में संत सम्मेलन।
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30 नवंबर: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय देवस्थानम सम्मेलन।
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1 दिसंबर: गीता जयंती के अवसर पर ज्योतिसर तीर्थ पर गीता यज्ञ और भगवद् कथा।
भारत में और विदेशों में गीता महोत्सव का महत्व
स्वामी ज्ञानानंद के प्रयासों से, गीता महोत्सव न केवल भारत में, बल्कि मॉरीशस, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देशों में भी आयोजित हो चुका है। इस महोत्सव का उद्देश्य गीता के संदेश को दुनिया भर में फैलाना और संस्कृति, शांति, और धर्म का प्रसार करना है।