हाई ब्लड प्रेशर और दिल की समस्याओं का मुख्य कारण अक्सर अधिक नमक का सेवन होता है। दिल की सेहत बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी है कि हम रोजाना सोडियम की मात्रा को नियंत्रित रखें। दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि सोडियम घटाना हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और अन्य कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं से बचाव के लिए बेहद जरूरी है। हैरानी की बात यह है कि अधिकांश नुकसान केवल टेबल सॉल्ट से नहीं बल्कि पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड में छिपे सोडियम से होता है।
अधिक नमक से दिल पर क्या असर पड़ता है?
नमक (सोडियम क्लोराइड) सीधे ब्लड प्रेशर को प्रभावित करता है। सोडियम शरीर में पानी की मात्रा को नियंत्रित करता है। ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी जमा हो जाता है, जिससे ब्लड वॉल्यूम बढ़ता है और ब्लड प्रेशर भी ऊपर चला जाता है। समय के साथ यह स्थिति धमनियों की दीवारों को कमजोर कर देती है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा देती है।
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एक दिन में कितना नमक सुरक्षित है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार:
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हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग: दिनभर में 1,500 मिलीग्राम से कम सोडियम (लगभग ¾ चम्मच नमक) लें।
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सामान्य व्यक्ति: दिनभर में 2,300 मिलीग्राम तक सोडियम (लगभग 1 चम्मच नमक) सुरक्षित है।
अध्ययनों से पता चला है कि रोजाना केवल 1,000 मिलीग्राम सोडियम कम करने से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 3–5 mmHg तक कम हो सकता है।
नमक छिपा कहाँ होता है?
अधिकांश लोग सोचते हैं कि नमक केवल खाने में डाला जाता है, लेकिन असली खतरा प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड में छिपे सोडियम से होता है। इनमें शामिल हैं:
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फास्ट फूड और रेडी-टू-ईट मील्स
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ब्रेड और बेकरी प्रोडक्ट्स
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सॉसेज, सूप, चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स
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चीज़ और सॉस
हमारे दैनिक सोडियम सेवन का सबसे बड़ा हिस्सा इन्हीं प्रोसेस्ड चीज़ों से आता है, न कि टेबल सॉल्ट से।
बहुत कम नमक भी हानिकारक हो सकता है
सोडियम कम करना जरूरी है, लेकिन 1,500 मिलीग्राम से कम सेवन भी खतरनाक हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनको हार्ट या किडनी की समस्या है। सोडियम शरीर की नर्व और मसल्स फंक्शनिंग के लिए जरूरी है, इसलिए इसकी मात्रा घटाते समय संतुलन बनाए रखना जरूरी है।