हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित “सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र” विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक विकास और राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका पर विस्तार से अपने विचार रखे।
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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जब समाज में न्याय और अधिकारों का प्रश्न उठता है, तब केवल मौन रहना समाधान नहीं होता, बल्कि समय पर उचित और निर्णायक कदम उठाना आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त और विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए महिलाओं की समान भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ जैसे ऐतिहासिक कदमों ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई दिशा और मजबूती प्रदान की है।
न्याय और अधिकार की बात हो तब मौन नहीं निर्णय आवश्यक है !
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में “सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र” विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होना अत्यंत गौरवपूर्ण रहा। इस अवसर पर नारी शक्ति की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर सार्थक… pic.twitter.com/ExPqbrVQcV
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) May 5, 2026
मुख्यमंत्री सैनी ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि इस पहल ने देश में बेटियों के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण को सकारात्मक रूप से बदला है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसरों के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी महिला प्रतिनिधित्व में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है, जो राज्य के सशक्त लोकतंत्र और प्रगतिशील समाज का प्रतीक है। आज महिलाएँ शिक्षा, खेल, प्रशासन, विज्ञान और राजनीति सहित हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और देश का गौरव बढ़ा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल अवसर देना ही नहीं, बल्कि उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ाना भी है, ताकि विकसित भारत के लक्ष्य को और मजबूती मिल सके।