मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने “विजन 2047” के तहत शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाते हुए शिक्षा विभाग को नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। विभागीय 5-वर्षीय कार्यान्वयन रोडमैप को लेकर आयोजित बैठक में उच्चतर शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा पर विशेष फोकस किया गया।
2047 तक 50% सकल नामांकन अनुपात का लक्ष्य
सरकार ने वर्ष 2047 तक सकल नामांकन अनुपात (Gross Enrollment Ratio) को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए शिक्षा प्रणाली को अधिक सुलभ, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
विजन 2047 का लक्ष्य निर्धारित कर नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा विभाग कार्य करें— मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP
उन्होंने विभागीय 5-वर्षीय कार्यान्वयन रोडमैप को लेकर आयोजित बैठक में उच्चतर शिक्षा पर विशेष फोकस करते हुए युवाओं को गुणवत्तायुक्त एवं रोजगारपरक शिक्षा सुलभ कराने के…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) April 29, 2026
कौशल आधारित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
वर्ष 2028 तक आधुनिक संस्कृति महाविद्यालयों के कैंपस तैयार करने, पाठ्यक्रमों में 50 प्रतिशत तक कौशल आधारित शिक्षा शामिल करने और युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है।
विश्वविद्यालयों को प्रोत्साहन
बैठक में निर्णय लिया गया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालयों को 5-5 करोड़ रुपये की ग्रांट प्रदान की जाएगी, जिससे उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता और शोध क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।
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छात्राओं की शिक्षा और तकनीकी विकास पर फोकस
सरकार ने छात्राओं की ड्रॉपआउट दर को कम करने, तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने और शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि “विजन 2047” का उद्देश्य हरियाणा को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है, जहां हर युवा को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा मिल सके।