हरियाणा सरकार ने सतत कृषि और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए चार सौर ऊर्जा संचालित एकीकृत सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) की अध्यक्षता मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की। इस परियोजना का कुल निवेश ₹402.41 करोड़ है और इससे 94 गांवों के 8,926 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। कुल 11,040 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को आधुनिक ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली के तहत लाया जाएगा।
ये परियोजनाएं भिवानी, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों में 20 ब्लॉकों के 61 नहर मुहानों पर लागू की जाएंगी। जिलावार निवेश में भिवानी के लिए ₹95.78 करोड़, झज्जर के लिए ₹114.68 करोड़, कुरुक्षेत्र के लिए ₹77.17 करोड़ और महेंद्रगढ़ के लिए ₹114.78 करोड़ का प्रावधान किया गया है। लाभ-लागत अनुपात 1.21:1 से 1.65:1 तक है, जो परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता और किसानों के लिए दीर्घकालिक लाभ को दर्शाता है।
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मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने परियोजनाओं के समय पर कार्यान्वयन, गुणवत्ता निगरानी और समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे किसानों को सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ मार्गदर्शन दें और परियोजनाओं को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से लागू करें।
एसएलएससी ने MICADA पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करने, GST पोर्टल के साथ एकीकरण और घटक-वार बैंक गारंटी तंत्र को लागू करने के प्रस्ताव भी पारित किए। इसके अलावा, परीक्षण रिपोर्टों की राज्य स्तरीय समीक्षा, 20 प्रतिशत परियोजनाओं की वार्षिक स्वतंत्र निगरानी और अनुसूचित जाति, लघु एवं सीमांत किसानों के लिए क्लस्टर-आधारित रखरखाव योजना सुनिश्चित की गई।
पिछले वर्षों में MICADA ने 18 जिलों में 99 सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया है। नई मंजूर परियोजनाएं हरियाणा में जलवायु परिवर्तन के अनुकूल, तकनीकी रूप से उन्नत और किसान-केंद्रित कृषि विकास को और सशक्त बनाएंगी।