पंचकूला में हरियाणा साहित्य पुरस्कार समारोह में 65 साहित्यकार सम्मानित हुए। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने साहित्य को समाज में जागरूकता का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला द्वारा आयोजित साहित्य पुरस्कार समारोह में राज्य के विभिन्न जिलों से आए 65 साहित्यकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पंजाबी, हिंदी और हरियाणवी भाषा के लेखकों एवं रचनाकारों को उनके साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह में साहित्य, संस्कृति और भाषा संरक्षण के महत्व पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों ने अपनी रचनात्मक यात्रा और समाज में साहित्य की भूमिका पर विचार साझा किए।
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साहित्य समाज में जागरूकता का सबसे प्रभावी माध्यम: हरविंद्र कल्याण
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि साहित्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और जनजागरूकता बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि एक साहित्यकार अपनी लेखनी और रचनाओं के माध्यम से लोगों के विचारों को प्रभावित कर सकता है तथा सामाजिक चेतना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने और नई सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम भी है।
हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला द्वारा आज साहित्य पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया जिसमें हरियाणा के विभिन्न जिलों से पधारे पंजाबी, हिंदी एवं हरियाणवी के 65 साहित्यकारों ने भाग लिया।
“साहित्यकार अपनी रचनाओं के द्वारा समाज में जिस व्यापक स्तर पर जागरूकता उत्पन्न कर…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 24, 2026
भाषा और संस्कृति के संरक्षण में साहित्यकारों की अहम भूमिका
हरविंद्र कल्याण ने कहा कि हिंदी, पंजाबी और हरियाणवी जैसी भाषाओं की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने में साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति, इतिहास और मूल्यों से जोड़ने का कार्य करती हैं। उन्होंने साहित्यकारों से समाज हित, शिक्षा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने वाली रचनाओं के सृजन का आह्वान किया।
साहित्यिक योगदान के लिए रचनाकारों का सम्मान
समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान देने वाले 65 साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले रचनाकारों के योगदान की सराहना की गई।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि साहित्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन, जागरूकता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण आधार है।