हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में जानकारी दी कि राज्य सरकार ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से 556 करोड़ रुपये, जिसमें 22 करोड़ रुपये ब्याज शामिल हैं, मात्र 24 घंटे में वसूल कर लिए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के विभिन्न विभागों, निगमों और बोर्डों से जुड़ी राशि संबंधित खातों में वापस जमा कर दी गई है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह धनराशि 28 करोड़ हरियाणावासियों की मेहनत की कमाई है और इसे पूरी पारदर्शिता के साथ उनके कल्याण के लिए खर्च किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वित्त सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो इस मामले की जांच करेगी और दोषियों की जवाबदेही तय करेगी।
सैनी ने जोर देकर कहा कि हरियाणा में शासन व्यवस्था में मौलिक बदलाव आया है और भ्रष्टाचार के मामलों पर अब शून्य सहिष्णुता नीति लागू है। उन्होंने कहा कि अब किसी भी प्रकार के सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी और सरकार पूरी पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है।
ये हरियाणा के 2.80 करोड़ लोगों की मेहनत का पैसा है, इसकी तरफ कोई आँख उठाकर भी नहीं देख सकता…
जिस IDFC First Bank के पैसे की बात की जा रही थी वो सारा पैसा सरकार के खातों में वापस आ गया है।
लगभग 556 करोड़ रूपए जिसमें ब्याज के 22 करोड़ भी शामिल हैं, वो सारा पैसा 24 घंटे के… pic.twitter.com/rJxhRWJAK9
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) February 24, 2026
उन्होंने यह भी बताया कि बैंक ने मुख्य अनियमितताएं अपनी चंडीगढ़ शाखा में पाई हैं, जिसमें मध्य और निचले स्तर पर कथित मिलीभगत शामिल थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मामले में शामिल कोई भी व्यक्ति, चाहे सरकारी अधिकारी हो या बैंक कर्मचारी, बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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नायब सिंह सैनी ने कहा, “जनता के पैसे का हर एक रुपया सुरक्षित रखा जाएगा। हमारी सरकार का लक्ष्य वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखना और लोगों के भरोसे को मजबूत करना है। यह त्वरित वसूली इसी संकल्प का प्रमाण है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के साथ समन्वय से राज्य में वित्तीय अनुशासन और सार्वजनिक व्यय पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस कदम से हरियाणा में भ्रष्टाचार कम होगा और जनता का भरोसा बढ़ेगा।