Saturday, April 18, 2026

गेहूं बीज पर सब्सिडी बढ़ाई, हरियाणा सरकार का किसानों के लिए अहम कदम

by Neha
गेहूं बीज पर सब्सिडी बढ़ाई, हरियाणा सरकार का किसानों के लिए अहम कदम

हरियाणा सरकार ने प्रमाणित गेहूं बीज पर सब्सिडी बढ़ाकर 1,075 रुपये प्रति क्विंटल कर दी है। जानें, कैसे यह कदम किसानों को राहत देगा और रबी सीजन में उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

हरियाणा सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए प्रमाणित गेहूं बीज पर सब्सिडी को बढ़ाकर 1,075 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता आसान होगी और बुवाई में समय पर मदद मिलेगी। यह कदम आगामी रबी सीजन में कृषि उत्पादकता को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

प्रमाणित गेहूं बीज पर बढ़ी सब्सिडी

हरियाणा सरकार ने गेहूं के प्रमाणित बीजों पर दी जाने वाली सब्सिडी को बढ़ाकर 1,075 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जबकि पिछले साल यह 1,000 रुपये प्रति क्विंटल थी। राज्य सरकार का मानना है कि इससे किसान उच्च गुणवत्ता वाले बीज अपनाएंगे और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

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बीज की कीमत और किसानों की लागत

इस साल प्रमाणित गेहूं बीज की कीमत 3,000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है, जो पिछले साल 2,875 रुपये प्रति क्विंटल थी। प्रति एकड़ किसानों की लागत लगभग 1,200 रुपये बैठती है। गेहूं की MSP में 150 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी और बीज उत्पादक किसानों के लिए 50 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन के कारण बीज की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसके बावजूद, सरकार ने सब्सिडी बढ़ाकर किसानों का बोझ कम किया है।

सरकारी एजेंसियों के माध्यम से बीज की उपलब्धता

हरियाणा सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रमाणित गेहूं बीज राज्य में सरकारी एजेंसियों के काउंटरों पर उपलब्ध होंगे। इनमें हरियाणा सीड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HSDC), नेशनल सीड कॉर्पोरेशन (NSC), हरियाणा वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स डेवलपमेंट (HLRDL), हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन (HAFED), इफको, कृभको और NFL जैसी प्रमुख एजेंसियां शामिल होंगी।

किसानों की आमदनी और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में एक कदम

सरकार का उद्देश्य किसानों की आमदनी बढ़ाना और गेहूं की उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों को बढ़ावा देना है। हरियाणा में लगभग 60 से 62 लाख एकड़ भूमि पर गेहूं की खेती होती है, और इस कदम से न केवल बुवाई में समय की बचत होगी, बल्कि उत्पादन क्षमता में भी सुधार होगा।

सरकार ने यह भी कहा है कि वह किसानों के लिए केंद्रित योजनाएं और सब्सिडी जारी रखेगी, ताकि राज्य देश के अनाज भंडार को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।

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