हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित किया गया। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में पेश किया, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन को प्रमुखता दी गई।
विकसित भारत 2047 में महिलाओं की भूमिका पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं की समान भागीदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिला सशक्तिकरण देश और राज्य के विकास की आधारशिला है।
हरियाणा विधानसभा में महिलाओं के अधिकारों पर केंद्रित प्रस्ताव पारित
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने सदन के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में प्रस्ताव पेश किया, जिसे ध्वनि मत से पारित किया गया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में महिलाओं की समान… pic.twitter.com/uHYxk4GOV0
— DPR Haryana (@DiprHaryana) April 27, 2026
महिला आरक्षण और सशक्तिकरण योजनाएं
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि संसद द्वारा पारित ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा हरियाणा में पंचायत स्तर पर महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया गया है। राज्य में लिंगानुपात में भी सुधार दर्ज किया गया है, जो 871 से बढ़कर 923 तक पहुंचा है।
सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘लखपति दीदी’, ‘ड्रोन दीदी’, ‘लाडो लक्ष्मी’ और ‘हर घर-हर गृहिणी’ जैसी योजनाओं से महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूती मिली है।
विपक्ष पर लगाया दोहरे रवैये का आरोप
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर उनका रवैया दोहरा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष बाहर बयानबाजी करता है, जबकि सदन में चर्चा से वॉकआउट कर जाता है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव महिलाओं के हित में सुधार और सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया था।