हरियाणा में AI तकनीक से टीबी उन्मूलन में तेजी: डॉ. सुमिता मिश्रा ने CATB, VM-TB और PATO उपकरण लागू किए

हरियाणा में AI तकनीक से टीबी उन्मूलन में तेजी: डॉ. सुमिता मिश्रा ने CATB, VM-TB और PATO उपकरण लागू किए

हरियाणा में डॉ. सुमिता मिश्रा ने AI आधारित CATB, VM-TB और PATO उपकरणों से टीबी उन्मूलन की गति बढ़ाई। उच्च जोखिम वाले रोगियों की पहचान और लक्षित स्क्रीनिंग सुनिश्चित।

हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राज्य में तपेदिक (TB) उन्मूलन की गति बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तीन उपकरण लागू किए हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने साझा की।

तीन AI-उपकरणों का विवरण

डॉ. मिश्रा ने बताया कि राज्य ने त्रिस्तरीय AI दृष्टिकोण अपनाया है, जो टीबी की स्क्रीनिंग, रोगी निगरानी और भौगोलिक प्राथमिकता को मजबूत करता है। फरवरी 2025 में दो उपकरण – CATB (Cough Against TB) और VM-TB (Vulnerability Mapping for Tuberculosis) – को लागू किया गया, जबकि PATO (Prediction of Adverse TB Outcomes) अप्रैल 2023 से सक्रिय है। सभी उपकरण राष्ट्रीय टीबी कार्यक्रम और केंद्रीय टीबी विभाग के सहयोग से विकसित किए गए हैं।

CATB – तेज और सटीक स्क्रीनिंग

CATB मोबाइल एप्लिकेशन खांसी की आवाज़ और लक्षणों का विश्लेषण करके संभावित फुफ्फुसीय टीबी वाले व्यक्तियों की पहचान करता है। इंटरनेट कनेक्टिविटी से वंचित क्षेत्रों में भी इसका इस्तेमाल संभव है। इसे सामुदायिक और स्वास्थ्य केंद्रों दोनों में उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है। लॉन्च होने के बाद से 711 व्यक्तियों का नामांकन, 2,654 स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण और 609 केंद्रों में 140 संभावित टीबी मामलों की पहचान की जा चुकी है।

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PATO – जोखिम वाले रोगियों की शीघ्र पहचान

PATO टूल राष्ट्रीय निक्षय पोर्टल से डेटा का उपयोग करता है और उपचार शुरू होने पर ही उन रोगियों की पहचान करता है जिनमें उपचार बीच में छोड़ने या मृत्यु का उच्च जोखिम होता है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों को निगरानी और समय पर हस्तक्षेप में मदद मिलती है। अप्रैल 2023 के बाद से 18,591 उच्च जोखिम वाले रोगियों की पहचान की जा चुकी है।

VM-TB – उच्च जोखिम वाले क्षेत्र की पहचान

VM-TB एक उन्नत भू-स्थानिक विश्लेषण उपकरण है। यह अधिसूचित टीबी मामलों और 20 से अधिक भौगोलिक व स्वास्थ्य संकेतकों के आधार पर गांवों और वार्डों को उच्च, मध्यम और निम्न जोखिम वाले क्षेत्रों में वर्गीकृत करता है। इस उपकरण का इस्तेमाल करके 2,111 उच्च जोखिम वाले गांवों की पहचान की गई है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों को लक्षित जागरूकता अभियान और स्क्रीनिंग की योजना बनाने में मदद मिल रही है।

हरियाणा की प्रतिबद्धता

डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा राज्य AI तकनीक का उपयोग कर दक्षता बढ़ा रहा है, जमीनी स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता मजबूत कर रहा है और टीबी मुक्त हरियाणा की दिशा में तेजी से प्रगति कर रहा है। राज्य का उद्देश्य है कि टीबी देखभाल समय पर, लक्षित और सभी के लिए सुलभ हो।

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