Saturday, April 18, 2026

मंत्री आरती सिंह राव: हरियाणा में 100 स्वास्थ्य संस्थान होंगे प्रथम रेफरल इकाई, मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य में सुधार की तैयारी

by Neha
मंत्री आरती सिंह राव: हरियाणा में 100 स्वास्थ्य संस्थान होंगे प्रथम रेफरल इकाई, मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य में सुधार की तैयारी

हरियाणा सरकार ने 100 स्वास्थ्य संस्थानों को प्रथम रेफरल इकाई (FRU) के रूप में नामित किया। यह पहल मातृ और नवजात स्वास्थ्य सुधारने और राज्य भर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 100 स्वास्थ्य संस्थानों को प्रथम रेफरल इकाई (FRU) के रूप में नामित किया है। इसका उद्देश्य द्वितीयक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और विशेषकर ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करना है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इन आपातकालीन केंद्रों में 24 घंटे प्रसूति सेवाएं, नवजात शिशु देखभाल और रक्त भंडारण जैसी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे माताओं और नवजात शिशुओं की आपातकालीन स्थितियों में तत्काल और प्रभावी चिकित्सा सहायता सुनिश्चित होगी।

आरती सिंह ने कहा कि ये केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और तृतीयक अस्पतालों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेंगे। सरकार इन इकाइयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, विशेषज्ञ चिकित्सा कर्मचारियों की तैनाती और रेफरल प्रणाली को तेज और प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है।

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मंत्री ने यह भी बताया कि इस पहल का लक्ष्य हरियाणा में मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाना है। मजबूत एफआरयू केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर और गुणवत्ता युक्त उपचार मिलेगा, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता में सुधार आएगा।

राज्य में प्रथम रेफरल इकाई के रूप में नामित 100 स्वास्थ्य संस्थानों में पांच अंबाला जिले में, चार भिवानी में, दो चरखी दादरी में, पांच फरीदाबाद में, पांच फतेहाबाद में, चार गुरुग्राम में, पांच हिसार में, छह झज्जर में, छह जिंद में, चार कैथल में, छह करनाल में, पांच कुरुक्षेत्र में, चार महेंद्रगढ़ में, पांच नूह में, चार पलवल में, चार पंचकुला में, चार पानीपत में, चार रेवाड़ी में, चार रोहतक में, पांच सिरसा में, पांच सोनीपत में और चार यमुनानगर जिले में स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं।

यह पहल हरियाणा सरकार की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।

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