AAP नेता हरपाल सिंह चीमा ने किसानों और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर BJP सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने किसानों और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों की आवाज सुनने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई का रास्ता अपना रही है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि किसानों को पंजाब बॉर्डर पर एक बार फिर मार्च निकालने और अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
किसानों और छात्रों की आवाज दबाने का लगाया आरोप
AAP नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आम लोगों, किसानों और युवाओं की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए करने के बजाय उन्हें रोकने और दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुनना चाहिए।
‘दमन नहीं, संवाद होना चाहिए’
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार को विरोध करने वाले लोगों के साथ बातचीत करनी चाहिए, न कि बल प्रयोग, हिरासत या अन्य कार्रवाई के जरिए उनकी आवाज को दबाने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद को सबसे जरूरी बताया।
युवाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जताया भरोसा
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि उन्हें देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और युवाओं की ताकत पर पूरा विश्वास है। उन्होंने दावा किया कि जनता की आवाज को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सरकार को अंततः लोगों की भावनाओं का सम्मान करना होगा।
Our farmers are once again being stopped at the Punjab border from marching and protesting peacefully. Our students protesting in Delhi are being met with lathi charges and force.
To protect the interests of a few, the @BJP4India government is choosing suppression over…
— Adv Harpal Singh Cheema (@HarpalCheemaMLA) July 22, 2026
BJP सरकार पर विपक्ष का हमला जारी
किसानों और छात्रों के मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहा है। वहीं, भाजपा सरकार की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर जवाब दिया जाता रहा है।
हरपाल सिंह चीमा का बयान क्यों है चर्चा में?
हरपाल सिंह चीमा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब किसानों और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। उनके बयान के बाद एक बार फिर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।