AAP नेता हरपाल सिंह चीमा ने बीजेपी शासित राज्यों में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अपराध बढ़ने का दावा किया है। उन्होंने दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता जताई, जबकि राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
राजनीतिक विवाद तब तेज हो गया जब आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता हरपाल सिंह चीमा ने बीजेपी शासित राज्यों में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कई राज्यों में अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है और आम जनता की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में दिनदहाड़े हत्या जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राज्यों में अपराधों का ग्राफ बढ़ना प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करता है।
ਸਿਟੀ ਬਿਊਟੀਫੁੱਲ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਭਾਜਪਾ ਸਾਸ਼ਨ ਵਿੱਚ ਅੱਜ ਅਪਰਾਧ ਦੇ ਨਾਮ ਨਾਲ਼ ਜਾਣੀ ਜਾਣ ਲੱਗੀ ਹੈ ਤੇ ਦਿਨ ਦਿਹਾੜੇ ਹੋ ਰਹੇ ਕਤਲ ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਸਬੂਤ ਹਨ। ਭਾਜਪਾ ਹਰ ਆਪਣੇ ਸਾਸ਼ਨ ਵਾਲ਼ੇ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਗੈਂਗਸਟਰਵਾਦ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਕੇ ਦੇਸ਼ ਅੰਦਰ ਨਫ਼ਰਤ ਫੈਲਾ ਰਹੀ ਹੈ। @HarpalCheemaMLA
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ, ਪੰਜਾਬ pic.twitter.com/BpXhcBKFcz— AAP Punjab (@AAPPunjab) May 14, 2026
अपने बयान में उन्होंने दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन जगहों पर अपराध से जुड़े मामलों को लेकर चिंता बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी शासित राज्यों में “गैंगस्टर संस्कृति” को बढ़ावा मिलने जैसा माहौल बन रहा है।
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अपराध आंकड़ों को लेकर सियासी बहस तेज
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। विपक्षी दल अक्सर अपराध के आंकड़ों का हवाला देकर सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि बीजेपी इन आरोपों को पहले भी खारिज करती रही है। पार्टी का कहना है कि अपराध के आंकड़ों की व्याख्या और रिपोर्टिंग प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है, इसलिए निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।
जन सुरक्षा बनाम राजनीतिक आरोप
कानून-व्यवस्था और जन सुरक्षा का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अपराध की स्थिति कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे जनसंख्या, पुलिसिंग व्यवस्था और सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियाँ।