हरिद्वार कुंभ मेले 2027 की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। इस बार कुंभ के लिए हरिद्वार में 500 हेक्टेयर क्षेत्र में एक बड़ा अस्थायी शहर बनाया जाएगा, जिसमें कुल 32 सेक्टर होंगे। इस शहर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए थाना, अस्पताल, प्रशासनिक कार्यालय, सूचना केंद्र और 10 सार्वजनिक आवास परिसर होंगे, जिनकी क्षमता 25,000 श्रद्धालुओं के ठहरने की होगी। इसके अलावा, 1000 लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल और मेला सर्किट हाउस में 150 कैंप बनाए जाएंगे।
कुंभ मेले में सबसे बड़ी चुनौती स्वच्छता की होती है। वर्तमान में हरिद्वार में रोजाना 280 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जबकि कुंभ के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 582 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो सकता है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने 161.18 करोड़ की लागत से स्वच्छता के लिए 10 कांपैक्टर वाहन, 50 टिपर, 75 ई-रिक्शा और छह फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है।
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सचिव कुंभ मेला नितेश झा ने बताया कि स्वच्छता के लिए अलग बजट रखा गया है। मेले में शौचालय वाहन, डस्टबिन, ट्रैश बूम इंटरसेप्टर, रिफ्यूज कॉम्पैक्टर, फॉगिंग मशीनें और घाट सफाई के लिए विशेष मशीनें लगाई जाएंगी। इसके साथ ही मानव संसाधन की भी व्यवस्था की जाएगी ताकि कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
इस पहल से कुंभ मेले में ठहरने, स्वच्छता और सुरक्षा की बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाएगी, जिससे मेले का अनुभव श्रद्धालुओं के लिए सुखद और सुरक्षित रहेगा।