AAP नेता चैतरा वसावा ने गुजरात सरकार पर UCC लागू करने की जल्दबाजी के लिए हमला किया, अल्पसंख्यक अधिकारों और सामाजिक समानता पर चिंता जताई।
आम आदमी पार्टी की नेता चैतरा वसावा ने गुजरात सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की योजना के खिलाफ जोरदार विरोध जताया है। वसावा ने कहा कि राज्य सरकार RSS के दबाव में जल्दबाजी में यह कानून लाना चाहती है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच असंतुलन और असहमति पैदा हो सकती है।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार वास्तव में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लाना चाहती है, तो पहले समानता और संविधानिक अधिकारों की सुनिश्चितता करनी होगी। चैतरा वसावा ने सवाल उठाए, “क्या केवल UCC लागू करने से सामाजिक समरसता बढ़ जाएगी? क्या इससे राष्ट्रीय एकता मजबूत होगी?”
गुजरात की भाजपा सरकार RSS के दबाव में आकर UCC लागु करने की जल्दबाजी कर रही है, उस बिल का हम विरोध करते है।
सरकार कहती है कि एक डंडे से पूरा राज्य चलना चाहिए। हमारा मानना है कि यदि सरकार सभी लोगों के लिए एक जैसा कानून लाना चाहती है तो समानता की धारा क्यों नहीं लाती? क्या इस बिल को… pic.twitter.com/uZuFtcBAFC— Chaitar Vasava AAP (@Chaitar_Vasava) March 25, 2026
वसावा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार अल्पसंख्यक समुदायों को नुकसान पहुँचाकर राष्ट्रवाद दिखाने का प्रयास कर रही है, जो अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून को लागू करने से पहले धार्मिक, जातीय और व्यक्तिगत अधिकारों का सम्मान होना आवश्यक है।
आम आदमी पार्टी की नेता ने यह भी कहा कि UCC के विरोध में पार्टी सभी आवश्यक कदम उठाएगी और सरकार से अपील की कि संविधान और सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करते हुए ही कानून लाया जाए।