गुजरात में शिक्षा के मुद्दे पर शालीनतापूर्वक एक आंदोलन और क्रांति लानी होगी: AAP नेता हिमांशु ठक्कर
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता हिमांशु ठक्कर ने अपनी बात रखते हुए बताया कि केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स के आधार पर देश की शिक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाता है। लेकिन हमारे गुजरात के लोगों को बहुत दुख होना चाहिए क्योंकि देश के 784 जिलों में से 116 जिलों में गुजरात के एक भी जिले का कहीं नाम नहीं है। अब इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? जो तीन राज्य सबसे आगे हैं, वे हैं दिल्ली, पंजाब और केरल। दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी काम किए, लेकिन भाजपा जहां 10-20 वर्षों से अधिक समय से शासन कर रही है, उसके एक भी जिले का नाम नहीं है। भाजपा के नेता नहीं चाहते कि विद्यार्थी अच्छी तरह पढ़ें क्योंकि बच्चे पढ़ेंगे तो सवाल करेंगे और यह इन अनपढ़ लोगों को पसंद नहीं आएगा। करोड़ों रुपये खर्च करके प्रवेशोत्सव, गुणोत्सव में कार्यक्रम किए जाते हैं, लेकिन विद्यार्थियों तक किताबें भी नहीं पहुंचती हैं। जो लोग एक कॉलेज चलाने की क्षमता नहीं रखते, वे पूरी यूनिवर्सिटी लेकर बैठे हैं। स्किल और इनोवेशन की सिर्फ बातें होती हैं, लेकिन स्किल किसकी डेवलप होती है?
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आगे आम आदमी पार्टी के नेता हिमांशु ठक्कर ने बताया कि अब गुजरात की अस्मिता बचाने के लिए हम सभी लोगों को जागना होगा, हम बेहद खराब स्थिति से गुजर रहे हैं। आज हम लाखों रुपये खर्च करके अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। बड़े-बड़े लोग तो अपने बेटे-बेटियों को विदेश भेज देंगे, लेकिन हमारे देश में सामान्य वर्ग और गरीब लोगों की क्या स्थिति है? आज विद्यार्थी ड्रग्स की गिरफ्त में जा रहे हैं, और अगर अभी भी हम नहीं जागे तो जो विनाश और नुकसान हो रहा है, उसके जिम्मेदार केवल हम लोग होंगे। तो हमें सोचना होगा कि हम कहां जा रहे हैं। देश का GenZ जाग गया है, वह वास्तविक स्थिति को समझ रहा है और यह खुशी की बात है। दुनिया की टॉप 100 यूनिवर्सिटी में देश की एक भी यूनिवर्सिटी नहीं है। तो इस शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए आप सभी के साथ और सहयोग की जरूरत है, शिक्षा के चिंतकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिलकर शालीनतापूर्वक एक आंदोलन और क्रांति लानी होगी। शिक्षा की नींव मजबूत होगी तो बाकी सभी चीजें अपने आप ठीक हो जाएंगी।