मान सरकार ने आधुनिक एम्बुलेंस सेवाओं के जरिए हर आपात स्थिति में त्वरित मदद सुनिश्चित की। 371 एम्बुलेंस, 1 लाख से ज्यादा मरीज़ों को अस्पताल पहुँचाने में सफल, और बाढ़ के दौरान ‘बोट एम्बुलेंस’ की मदद से राहत।
सरकार ने तय समय सीमा भी सख्ती से लागू की है—शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 मिनट के भीतर एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। केवल जनवरी से जुलाई 2024 के बीच ही एक लाख से अधिक मरीज़ों को सुरक्षित अस्पताल पहुँचाया गया, जिनमें 10,737 दिल के मरीज़ और 28,540 गर्भवती महिलाएँ शामिल थी। इन एम्बुलेंसों में 80 बच्चों का सुरक्षित जन्म भी हुआ।
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लेकिन मान सरकार की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का सबसे बड़ा उदाहरण हाल ही में आए बाढ़ संकट के दौरान देखने को मिला। जब पानी ने सड़कों और गाँवों को डुबा दिया, तब सरकार ने नावों, ट्रैक्टरों और अस्थायी फ्लोट्स को भी “बोट एम्बुलेंस” में बदल दिया। इनसे गाँव-गाँव तक दवाइयाँ पहुँचाईं गई और ज़रूरतमंद मरीज़ों को सुरक्षित अस्पताल पहुँचाया गया। इन कठिन हालातों में भी चार बच्चों का जन्म सुरक्षित तरीके से हुआ और कईं लोगों की जान समय रहते बचाई गई।
यह सब केवल इसलिए संभव हो सका क्योंकि मान सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को अपनी प्राथमिकता बनाया है। जीपीएस आधारित आधुनिक एम्बुलेंस, सड़क सुरक्षा बल और 108 हेल्पलाइन के साथ मिलकर अब पंजाब वासियों को हर आपात स्थिति में तुरंत और भरोसेमंद सेवा मिल रही है।
मुख्यमंत्री मान ने कहा है कि “हमारी सरकार का मकसद एक ही है—हर पंजाबी की जान की रक्षा। चाहे सड़क दुर्घटना हो, दिल का दौरा पड़े या फिर बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा, पंजाब की एम्बुलेंस सेवा हर कठिन घड़ी में जनता के साथ है।”
मान सरकार की कोशिशों ने यह विश्वास दिलाया है कि पंजाब में अब कोई भी मरीज़ या उसका परिवार अकेला नहीं है और हर आपदा में सरकार उसके साथ खड़ी है।