Friday, September 11, 2026

गोपाल इटालिया: हीरा उद्योग की मंदी में भाजपा सरकार के खोखले दावों का पर्दाफाश हुआ

by editor
गोपाल इटालिया: हीरा उद्योग की मंदी में भाजपा सरकार के खोखले दावों का पर्दाफाश हुआ

गोपाल इटालिया: सहायता योजना के फॉर्म और डॉक्यूमेंट्स के पीछे रत्न कलाकारों को अपनी जेब से पैसे गंवाने पड़े

गांधीनगर में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान हुई प्रश्नोत्तरी के संबंध में मीडिया से बात करते हुए आम आदमी पार्टी के विसावदर के विधायक गोपाल इटालिया ने बताया कि, आज विधानसभा में मेरा एक दूसरा महत्वपूर्ण सवाल था कि अभी जिस तरह सूखे जैसी स्थिति और बारिश नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है, उसी तरह हीरे के कारोबार में भी भारी मंदी आई है। हमारा हीरे का व्यवसाय सूरत, नवसारी, वाव, थराद, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, राजकोट, अमरेली, बोटाद और भावनगर जैसे कई जिलों में करोड़ों लोगों को रोजगार प्रदान करता है। हीरे के कारोबार में मंदी आने के कारण सूरत सहित अलग-अलग क्षेत्रों में कई रत्न कलाकारों ने सदमे में आकर आत्महत्या कर ली और लगभग ३५ रत्न कलाकारों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि कई कारखाने बंद हो गए हैं। उस समय आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में मैंने स्वयं रत्न कलाकारों को सहायता दिए जाने के लिए सूरत में एक यात्रा निकाली थी, जिसमें रत्न कलाकारों का बहुत समर्थन मिला था। इसके बाद गुजरात के गृह एवं उद्योग मंत्री हर्ष संघवी ने ‘रत्नदीप सहायता योजना’ के तहत सभी रत्न कलाकारों और हीरे के कारखानेदारों के बच्चों को शिक्षा तथा आर्थिक सहायता देने की बड़ी घोषणाएं की थीं। लेकिन आज विधानसभा में उद्योग मंत्री ने मुझे जो आंकड़े दिए हैं, उससे भाजपा सरकार का भांडा फूट गया है।

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गोपाल इटालिया ने आगे कहा कि, बड़े भाषण देने वाले भाजपाइयों का चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। मेरे द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में पता चला कि सूरत में कुल ७४,२७१ रत्न कलाकारों ने सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था, जिनमें से केवल ४७,५२५ लोगों को ही सहायता का भुगतान किया गया है और लगभग २६,५०० रत्न कलाकारों को आज तक कुछ नहीं मिला है। उल्टे रत्नदीप योजना का लाभ लेने के लिए आय प्रमाण पत्र, एफिडेविट, फॉर्म और जेरॉक्स के पीछे दो-दो हजार रुपये का खर्च हो गया। हर्ष संघवी के चक्कर में रत्न कलाकारों को अपने पैसे गंवाने की नौबत आ गई है। जूनागढ़ जिले में २,९८२ आवेदकों में से केवल ६४० लोगों को ही सहायता का भुगतान किया गया है। मेरे विसावदर-भेसाण क्षेत्र में खेती के बाद सबसे बड़ा वर्ग हीरा उद्योग से जुड़ा हुआ है। विसावदर में ७४२ लोगों ने सहायता के लिए आवेदन किया, उनमें से केवल ३६ लोगों को ही सहायता मिली है। भेसाण तालुका में ८९३ रत्न कलाकारों के आवेदन के सामने केवल २५६ लोगों को ही सहायता मिली है। इस प्रकार, जिन लाचार और पीड़ित लोगों को सरकार की जरूरत है, उन्हें सरकार ने ठेंगा दिखाया है। सरकार के दावे और सच्चाई दोनों अलग हैं। इसलिए मैं पूरे गुजरात के रत्न कलाकारों से विनती करता हूं कि आपके साथ धोखाधड़ी करने वाले भाजपा के लोगों को पहचानें और आने वाले २७ के चुनाव में उन्हें उचित जवाब दें, तभी और तभी हमारी पीड़ा कम होगी।

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