उत्तर प्रदेश सरकार ने पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे को सरल बनाने के लिए स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क में बड़ी छूट की घोषणा की है। अब आवासीय, कृषि, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के दान विलेख (गिफ्ट डीड) पर केवल 5000 रुपये स्टांप शुल्क और 1% निबंधन शुल्क लगेगा। यह कदम प्रदेशवासियों के लिए राहत का कारण बनेगा, वैधानिक हस्तांतरण को बढ़ावा देगा और संपत्ति विवादों को कम करेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में पारिवारिक संपत्ति के दान विलेख पर स्टांप शुल्क में भारी छूट का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। अब किसी भी तरह की अचल संपत्ति का पारिवारिक सदस्यों के बीच बंटवारा आसान हो जाएगा। पहले यह सुविधा केवल आवासीय और कृषि संपत्तियों तक सीमित थी, लेकिन अब व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों पर भी समान लाभ मिलेगा।
कैबिनेट ने निर्णय लिया कि परिवार के सदस्य जैसे पुत्र, पुत्री, पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्रवधु, भाई, बहन, दामाद और उनके बच्चे इस छूट का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, यदि कोई सगा भाई निधन हो गया है, तो उसकी पत्नी भी इस छूट का लाभ उठा सकेगी।
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इस नई व्यवस्था से संपत्ति का वैधानिक हस्तांतरण बढ़ेगा, मुकदमेबाजी और विवाद कम होंगे, साथ ही राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। स्टांप एवं पंजीयन विभाग द्वारा जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी और इसके लागू होने के बाद ही छूट का लाभ मिलेगा।
नए उप निबंधक कार्यालय
कैबिनेट ने कुशीनगर और झांसी में उप निबंधक कार्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। कुशीनगर की तहसील कप्तानगंज में 920 वर्गमीटर भूमि और झांसी के पुरानी तहसील परिसर में 638 वर्गमीटर भूमि स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को प्रदान की गई है।
इस पहल से न केवल संपत्ति बंटवारा आसान होगा, बल्कि प्रदेशवासियों को कानूनी और प्रशासनिक मामलों में भी बेहतर सुविधा मिलेगी।