दिल्ली को यमुना नदी से प्रदूषण मुक्त करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह घोषणा की कि केंद्र सरकार की साझेदारी से ₹1,816 करोड़ की योजनाएँ शुरू की जाएँगी। इन योजनाओं में आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और स्वच्छ जलापूर्ति नेटवर्क शामिल है, ताकि यमुना में जाने वाला प्रदूषित पानी पूरी तरह रोक दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 9 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। ये परियोजनाएं दिल्ली के 22 नालों से यमुना की ओर बहने वाले गंदे पानी को रोकेंगी और उसे शुद्ध करके नदी में भेजेंगी।
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ओखला प्लांट बनेगा बड़ी उम्मीद
ओखला में एशिया का सबसे बड़ा STP स्थापित किया जाएगा, जिसका उद्घाटन भी अमित शाह करेंगे। यह प्लांट 124 MGD की क्षमता का होगा और पुराने चार प्लांटों की जगह लेगा। इस प्लांट की खासियत यह होगी कि यह सिवेज से बिजली और पुनरुपयोगable स्लज भी उत्पन्न करेगा। इससे दक्षिण, मध्य व पुरानी दिल्ली के बड़े इलाकों का गंदा जल यमुना में सीधे नहीं जाएगा।
यमुना: संस्कृति और जीवनधारा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना सिर्फ नदी नहीं, हमारी संस्कृति और आस्था की धारा है। इसे प्रदूषण मुक्त करना सरकार की जिम्मेदारी और जनसंघर्ष दोनों है। नई परियोजनाएँ ‘निर्मल नदियाँ, समृद्ध भारत’ अभियान के अनुरूप हैं।
सीवेज क्षमता और लक्ष्य
वर्तमान में दिल्ली में लगभग 3,600 MLD सीवेज उत्पन्न होता है, जबकि शुद्धिकरण क्षमता लगभग 3,474 MLD है। लगभग 600 MLD अनुपचारित पानी यमुना में भेजा जाता है। नई परियोजनाओं के बाद इस अंतर को समाप्त करना लक्ष्य है और आने वाले दो सालों में दिल्ली को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त यमुना देना चाहती सरकार।