दिल्ली में बढ़ती सर्दी: रैन बसेरों की व्यवस्था पर सख्त कदम, बेघरों के लिए हर संभव सहायता

by Neha
दिल्ली में बढ़ती सर्दी: रैन बसेरों की व्यवस्था पर सख्त कदम, बेघरों के लिए हर संभव सहायता

दिल्ली में बढ़ती सर्दी के बीच मंत्री आशीष सूद ने रैन बसेरों की व्यवस्था का निरीक्षण किया और बेघर लोगों के लिए बिस्तर, कंबल, भोजन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दिल्ली में सर्दी बढ़ने के साथ ही, शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने राजधानी के रैन बसेरों का निरीक्षण किया और बेघर लोगों के लिए ठंड से राहत देने के लिए सरकार की तैयारियों का जायजा लिया। मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने ठंड के मौसम में बेघर लोगों के लिए पूरी सुरक्षा, बिस्तर, कंबल, स्वच्छ पानी और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की है।

रैन बसेरों में सुविधाओं की जांच

आशीष सूद ने अधिकारियों से रैन बसेरों की स्थिति पर अपडेट लिया और दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (DUCIB) के अधिकारियों से इस संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सर्दियों के दौरान कोई भी गरीब या बेघर व्यक्ति सड़कों पर न सोए। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में 200 से अधिक अस्थायी रैन बसेरे बनाए गए हैं, जिनमें बिस्तर, गरम कंबल, भोजन, सफाई, हीटर और सुरक्षा की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

सुरक्षा और सुविधा पर सख्त निर्देश

आशीष सूद ने अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए कि रैन बसेरों में पूरी सफाई, रोशनी, और सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि आग से बचाव के उपकरण और कंबल सहित सभी आवश्यक सुविधाएं मानकों के अनुसार उपलब्ध कराई जाएं।

महिला रैन बसेरों और रेस्क्यू टीम पर फोकस

महिला रैन बसेरों के लिए मंत्री ने विशेष ध्यान देने की बात कही और महिलाओं की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने रेस्क्यू टीमों को सक्रिय रहने के लिए कहा, ताकि सड़कों पर सो रहे लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाया जा सके और कोई भी व्यक्ति ठंड से परेशान न हो।

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सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप और जांच आदेश

सामाजिक कार्यकर्ता भावेश पिपलिया ने आरोप लगाया कि बीते शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक वह दिल्ली के करीब 21 इलाकों में गए, जहां 50 लोग खुले आसमान के नीचे सोते मिले। उन्होंने मदद के लिए कॉल किया, लेकिन केवल एक व्यक्ति को रैन बसेरे भेजा जा सका। बाकी 49 लोग खुले में ही सोते रहे। इसके अलावा, पिपलिया ने यह भी दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में 10 से ज्यादा बेघर लोगों की मौत हुई है, जिनकी मृत्यु ठंड के कारण हो सकती है।

इन आरोपों पर मंत्री आशीष सूद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मामले की जांच की जाए और यदि कोई अधिकारी लापरवाही का दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार की प्राथमिकता: कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए

मंत्री आशीष सूद ने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता है कि सर्दी में कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे न सोए। उन्होंने रेस्क्यू टीमों को निर्देशित किया कि वे किसी भी व्यक्ति को रैन बसेरों में भेजने में कोई कसर न छोड़ें। दिल्ली में सर्दी लगातार बढ़ रही है और सरकार की पूरी कोशिश है कि जरूरतमंदों को समय पर सही सहायता मिले।

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