Sunday, May 10, 2026

DELHI NEWS : केवल स्थानीय महिलाओं को ही मिलेगी मुफ्त बस सेवा, दिल्ली में रहने वाली बाहरी महिलाओं पर पड़ेगा कितना प्रभाव?

by editor
DELHI NEWS : केवल स्थानीय महिलाओं को ही मिलेगी मुफ्त बस सेवा, दिल्ली में रहने वाली बाहरी महिलाओं पर पड़ेगा कितना प्रभाव?

DELHI NEWS : दिल्ली की बीजेपी सरकार ने एक अहम फैसला लिया है — अब मुफ्त बस सेवा का लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा जो दिल्ली की निवासी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि अब पिंक टिकट की जगह पिंक पास जारी किए जाएंगे, जो केवल दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को ही दिए जाएंगे। इससे उन बाहरी राज्यों की महिलाओं पर असर पड़ेगा जो दिल्ली में रहती हैं, लेकिन उनके पास दिल्ली का निवास प्रमाण नहीं है।

कई महिलाएं होंगी प्रभावित
जैसे शहनाज नाम की एक महिला, जो बिहार से हैं और दिल्ली में काम करती हैं, अब इस सुविधा से वंचित हो जाएंगी। उनका कहना है कि पहले वह सफदरजंग अस्पताल बस से जाया करती थीं और फ्री टिकट से 20–40 रुपये की बचत हो जाती थी, जो उनके सीमित बजट में बड़ी राहत थी। अब पिंक पास के बिना वह मुफ्त में सफर नहीं कर पाएंगी, इसलिए पैदल अस्पताल जाना ही एकमात्र विकल्प रहेगा।

छात्रों और कामकाजी महिलाओं पर भी प्रभाव
दिल्ली के कॉलेजों और कोचिंग हब में रहने वाली अधिकांश छात्राएं बाहरी राज्यों से आती हैं। इन छात्रों में बड़ी संख्या ऐसी है जिनका आधार कार्ड दिल्ली का नहीं है। बस का खर्च उनके सीमित बजट में भारी पड़ सकता है। इसी तरह घरों में काम करने वाली महिलाओं, सिक्योरिटी गार्ड्स, टीचर्स और अन्य श्रमिक महिलाएं, जो ज्यादातर बिहार, यूपी और अन्य राज्यों से हैं, अब इस योजना से बाहर हो जाएंगी।

कितना बड़ा असर?
2011 की जनगणना और अन्य रिपोर्ट्स बताती हैं कि दिल्ली की बड़ी आबादी प्रवासी है, खासकर दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में। साल 2022-23 में 40 करोड़ से ज्यादा पिंक टिकट जारी किए गए, जिनमें एक बड़ी हिस्सेदारी गैर-स्थानीय महिलाओं की थी। ऐसे में इस फैसले से लाखों महिलाएं प्रभावित होंगी।

पिंक पास के लिए क्या होगा जरूरी?
नई योजना के तहत पिंक पास के लिए आवेदन करते समय महिलाओं को दिल्ली का आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाणपत्र, फोटो और केवाईसी दस्तावेज देना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सिर्फ स्थानीय निवासी ही इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
बीजेपी सरकार का कहना है कि पुरानी पिंक टिकट योजना में बड़े पैमाने पर दुरुपयोग और भ्रष्टाचार हुआ। गैर-निवासियों और यहां तक कि फर्जी पहचान वालों द्वारा भी इसका लाभ उठाया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने इसे ‘पिंक करप्शन’ करार देते हुए कहा कि सरकार अब ट्रांसपेरेंसी लाने और भ्रष्टाचार रोकने के लिए पिंक पास और स्मार्ट कार्ड सिस्टम लागू करेगी। यह बदलाव कई जरूरतमंद महिलाओं के लिए एक झटका हो सकता है, खासकर उन प्रवासी महिलाओं के लिए जो सीमित आय में दिल्ली में गुज़ारा करती हैं। हालांकि, सरकार का तर्क है कि यह कदम योजना को सही हाथों में पहुंचाने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी है।

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