DELHI NEWS : आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में बीजेपी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर एक रिपोर्ट पेश की है, जिसमें बिजली कटौती, पानी की किल्लत और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा गया है। आप नेता आतिशी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने दिल्ली के लोगों की जिंदगी को नरक बना दिया है और पिछले 10 वर्षों से जारी विकास कार्यों को ठप कर दिया है।
भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली सरकार के शुक्रवार को 100 दिन पूरे होने से एक दिन पहले, आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को अपना रिपोर्ट कार्ड जारी किया। पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रेखा गुप्ता सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने महज 100 दिनों में दिल्लीवासियों की जिंदगी को बदहाल कर दिया है और बीते 10 वर्षों में बनी व्यवस्थाओं को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।
आप नेता ने बताया कि वे 15 प्रमुख मुद्दों पर बीजेपी के 100 दिनों की विफलताओं का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रख रहे हैं, जिसे वे दिल्ली के हर घर तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि राजधानी में कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है – क्या हम वाकई 2025 में रह रहे हैं?
आतिशी ने आरोप लगाया कि बिजली बिलों में 7 से 15% की बढ़ोतरी PPAC के नाम पर की गई है, और अगले महीने से उपभोक्ताओं को यह बढ़ा हुआ बोझ झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले प्राइवेट स्कूलों की फीस पर नियंत्रण था, लेकिन बीजेपी सरकार के आते ही फीस में इजाफा कर दिया गया।
‘गर्मियों में AQI 500 के पार’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में इस समय पानी की भारी किल्लत है। कई इलाकों में सीवर का पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे लोगों में पेट से जुड़ी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब गर्मियों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 के पार पहुंच गया।
आप नेता ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार जनहित की योजनाएं लगातार बंद कर रही है। मोहल्ला क्लीनिक और फरिश्ते योजना को बंद कर दिया गया है। बस मार्शलों को स्थायी करने की फाइल जनवरी में भेजी गई थी, लेकिन न तो उन्हें स्थायी किया गया और न ही सरकार ने अपना वादा निभाया। सिर्फ 100 दिनों में 25,000 विधवा महिलाओं की पेंशन काट दी गई।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी दफ्तरों से बाबा साहेब की तस्वीरें हटाई गईं। महिलाओं को ₹2500 देने और त्योहारों पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने का वादा भी पूरा नहीं किया गया। बीजेपी ने न केवल अपने वादे तोड़े बल्कि पहले से चल रही लाभकारी योजनाएं भी बंद कर दीं।